सेना के खिलाफ़ टिप्पणी मामले में बार-बार समन मिलने के बावजूद नहीं हुईं पेश तो जारी हुआ वारंट
नदिया : भारतीय सेना के बारे में विवादित टिप्पणी करने के मामले में कृष्णनगर की सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ़ अदालत ने गिरफ़्तारी का वारंट जारी किया है। कृष्णनगर अदालत के जज दिब्येंदु दास ने बुधवार को यह वारंट जारी किया। याचिकाकर्ता के वकील शिर्शेंदु दास ने बताया कि महुआ के खिलाफ पहले भी कई बार समन जारी किए गए थे। उन्हें कृष्णानगर कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया गया था, लेकिन वह एक बार भी पेश नहीं हुईं।
क्या है आरोप
कई बार समन भेजे जाने के बावजूद मोइत्रा अदालत में पेश नहीं हुईं। इसलिए, तय तारीख पर पेश न होने के कारण उनके खिलाफ़ गिरफ़्तारी का वारंट जारी करने का आदेश दिया गया।महुआ पर न सिर्फ़ सेना, बल्कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ख़िलाफ़ भी विवादित और अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप हैं। इसके अलावा, महिलाओं के तुलसी की माला, बुर्का और हिजाब पहनने को लेकर की गई उनकी कुछ टिप्पणियों पर भी विवाद हुआ। इसके जवाब में कृष्णानगर के एक निवासी ने अदालत में मामला दर्ज कराया है।
किसने किया है मामला
कृष्णनगर के नज़ीरापारा इलाके के रहने वाले चयन नंदी ने महुआ के खिलाफ़ कोर्ट में मामला दायर किया था। उनकी तरफ़ से वकील दास ने कहा, “मेरे क्लाइंट ने महिलाओं को तुलसी की माला, बुर्का और हिजाब पहनने के लिए मजबूर करने; केंद्रीय गृह मंत्री, सेना और सैनिकों के बारे में अभद्र टिप्पणी करने; और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाने के मामले में शिकायत दर्ज कराई थी।”
बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद, वह तय तारीखों में से किसी भी दिन कोर्ट में पेश नहीं हुए। उनकी व्यक्तिगत पेशी के लिए तय आखिरी तारीख पर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (थर्ड कोर्ट) दिब्येंदु दास की अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
महुआ के ख़िलाफ़ ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ और ‘भारतीय न्याय संहिता’ की अलग-अलग धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। इन आरोपों में किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाना, समूहों के बीच झगड़ा भड़काना, धार्मिक भावनाओं को आहत करना, डराना-धमकाना और नफ़रत फैलाने वाले भाषण (हेट स्पीच) देना शामिल है।





























