कोलकाता : भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश देने के उद्देश्य से “हमारा तिरंगा, हमारा गौरव — हर घर तिरंगा, हर दिल तिरंगा” अभियान चलाया गया। आईएचपी फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस अभियान के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक तिरंगे और राष्ट्र के प्रति सम्मान का संदेश पहुंचाया गया।
3 अगस्त से 17 अगस्त तक चले इस अभियान का उद्देश्य तिरंगे को केवल स्वतंत्रता दिवस के प्रतीक के रूप में नहीं, बल्कि प्रत्येक भारतीय के गौरव, भावनात्मक जुड़ाव और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक के रूप में स्थापित करना था।
श्रमिकों से लेकर आम नागरिकों तक पहुंचा तिरंगे का संदेश

अभियान के दौरान विभिन्न संस्थानों, समुदायों, सार्वजनिक स्थलों और आम नागरिकों तक तिरंगा पहुंचाया गया। विशेष रूप से श्रमिकों, दैनिक वेतनभोगी कामगारों, सड़क किनारे जूते-चप्पल की मरम्मत करने वाले मोचियों, मुटियाओं, छोटे दुकानदारों और आम नागरिकों को तिरंगा वितरित किया गया।अभियान का संदेश स्पष्ट रहा कि तिरंगा किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि हर भारतीय का गौरव है।सशस्त्र बलों के जवानों का किया गया सम्मान“हर घर तिरंगा, हर दिल तिरंगा” अभियान के तहत राष्ट्रसेवा में समर्पित सशस्त्र बलों के जवानों को भी सम्मानित किया गया। उनके हाथों में तिरंगा सौंपकर देश की रक्षा में उनके साहस, त्याग और सेवा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।इसके साथ ही पूर्वी भारत में सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारियों को भी तिरंगा औपचारिक रूप से भेंट किया गया।
डॉ. सतनाम सिंह अहलूवालिया ने दिया एकता का संदेश
आईएचपी फाउंडेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. सतनाम सिंह अहलूवालिया ने कहा कि तिरंगा केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का प्रतीक है। उन्होंने देशवासियों से तिरंगे में निहित साहस, बलिदान, गरिमा, एकता और सेवा के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि “हर घर तिरंगा, हर दिल तिरंगा” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हर भारतीय को राष्ट्र के गौरव और भावनात्मक जुड़ाव से जोड़ने का प्रयास है।
अभियान का उद्देश्य
इस अभियान के जरिए समाज के अलग-अलग वर्गों को एक सूत्र में जोड़ने और यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि तिरंगा हर भारतीय की पहचान, गौरव और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।





























