किसी को छोड़ा नहीं जाएगा,मुख्यमंत्री ने कहा
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में आंकक फैलाने की कोशिश कर रहे उग्रवादियों के नेटवर्क पर राज्य पुलिस नजर रख रही है। इन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पहले दूसरे राज्यों से केंद्र की पुलिस आकर उग्रवादियों को पकड़ती थी, लेकिन अब स्थिति बदल गयी है। राज्य से गिरफ्तार संदिग्ध उग्रवादियों के संबंध में मुख्यमंत्री ने यह बात कही।
गिरफ्तार पाकिस्तानी नागरिक को जाना था बांग्लादेश
उल्लेखनीय है कि, आज गिरफ्तार पाकिस्तानी नागरिक राणा रऊफ़—जिसे वहाब आलम के नाम से भी जाना जाता है,
वह नेपाल से भारत आया था। इसके बाद उसे बांग्लादेश जाना था। इस यात्रा के लिए पेट्रापोल बॉर्डर पर सभी ज़रूरी इंतज़ाम भी कर लिए गए थे। हालाँकि, आगे बढ़ने से पहले ही, बुधवार को पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF) ने उसे बनगांव से गिरफ़्तार कर लिया।
ISI के कई ऑपरेटिव्स के बारे में जानकारी मिली
उससे पूछताछ से जांचकर्ताओं को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के कई ऑपरेटिव्स के बारे में जानकारी मिली है। राणा का पाकिस्तानी पासपोर्ट नंबर भी मिल गया है। आरोप है कि बांग्लादेश बॉर्डर पर राणा का एक साथी उसका इंतज़ार कर रहा था।
STF सूत्रों के मुताबिक, राणा ने बॉर्डर पार करने के लिए बिचौलियों से संपर्क किया था। बेनापोल में पावेल नाम का एक व्यक्ति उसका इंतज़ार कर रहा था। राणा नेपाल के काठमांडू से बिहार के रक्सौल होते हुए कोलकाता पहुँचा था। वह अक्सर शहर आता-जाता रहता था और तपसिया इलाके में ठहरता था। गिरफ्तारी के समय उसने पुलिस को बताया कि उसका नाम वहाब आलम है और वह तपसिया का रहने वाला है। बाद में पुलिस को उसकी असली पहचान का पता चला। जांच एजेंसी के मुताबिक, राणा खास तौर पर बनगांव के रास्ते बांग्लादेश जाने के इरादे से कोलकाता आया था। अधिकारी अभी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या बांग्लादेश में भी कोई मॉड्यूल बनाने की योजना थी।





























