देश आज आजादी के 80 वां स्वाधीनता दिवस मना रहा है,उल्लास और उमंग हर भारतीय के मन में प्रफुल्लित हो रहा है। अंग्रेजों की दो सौ वर्षों की पराधीनता के पश्चात लंबे संघर्ष एवम हजारों स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा जीवन न्यौछावर करने के बाद आजादी प्राप्त करने वाला हमारा देश, दुनियाँ के अग्रणी देशों की श्रेणी में पहुँच चुका है जिसके रुख को नजरअंदाज करना विश्व की किसी भी महाशक्ति के लिये नामुमकिन है।आजादी के समय अपने देश में सुई का भी निर्माण न करने वाला देश आज कोर सेक्टर से लेकर सूचना और प्रद्योगिकी के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व कर रहा है।
इन आठ दशको की स्वतंत्र यात्रा में हमारे देश ने अनेक उत्थान एवम पतन के दौर देखे हैं। देश में पीढ़ियों के परिवर्तन आ गया है।सूचना और प्रद्योगिकी के विस्तार ने पूरे विश्व को गाँव का स्वरूप प्रदान कर दिया है।जनता के प्रति उत्तरदायी लोकतंत्र बनने की यात्रा में आज भारत उम्र के सूचनांक में विश्व के सबसे बड़े युवा देश के रूप में उभर रहा है।कोरोना की जंग में विश्व का नेतृत्व करने वाले देश के युवा जिन्हें जेन जी की संज्ञा दी जा रही है, भी दक्षिण एशिया में युवाओं द्वारा अपने अपने देश में की गयी क्रांतियों से प्रभावित होकर अपनी सरकार की रीति नीति में आमूलचूल परिवर्तन की चाह रख रहे हैं।
काकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन को मिला जेन जी का समर्थन सरकार की अपने युवाओं के आशाओं के प्रति असंवेदनशीलता को तो दर्शाता है व्यवस्था के प्रति आक्रोशित जेन जी की आड़ में जिस प्रकार आंदोलन को व्यवस्था विरोधी हवा दी गयी सचमुच कही न कही देश विरोधी ताकतों का हाथ दिख रहा है।चैट जी पी टी के माध्यम से घंटों के काम को मिनटों में करने वाले भारत के युवाओं, जिन्होंने अपनी कार्यक्षमता से न केवल देश को गर्वित किया है बल्कि पूरे विश्व का ध्यान आकर्षित किया है।
आज के दौर में जहाँ सरकार को अपने बच्चों की आशाओं पर खरा उतरने का प्रयास करना चाहिये वहीं इस जेन जी की पौध को भी अपेक्षाओं के साथ अनुशासित उत्तरदायित्व का निर्वहन करना चाहिये ताकि हमारा लोकतंत्र और भी ज्यादा मजबूत हो और विश्वगुरु बनने के लक्ष्य को सफलतापूर्वक पा सके।सभी युवाओं और जेन जी को स्वाधीनता दिवस की बिशेष बधाई।
– राज कुमार व्यास
प्रखर चिंतक व समाजसेवी





























