दोबारा नियुक्ति को लेकर विवाद के बीच चेयरमैन पद से दिया इस्तीफ़ा
मुंबई : टाटा ग्रुप में फिर से उथल-पुथल के संकेत मिले हैं। एन. चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, इस्तीफ़ा देने के बावजूद चंद्रशेखरन अगले साल फ़रवरी तक, जब उनका कार्यकाल मूल रूप से खत्म होने वाला है, इस पद पर बने रहेंगे। अभी यह साफ़ नहीं है कि चंद्रशेखरन ने इस्तीफ़ा क्यों दिया। टाटा ग्रुप ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। चंद्रशेखरन का इस्तीफ़ा अहम माना जा रहा है, क्योंकि टाटा ग्रुप अभी कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। इससे पहले, टाटा ग्रुप की चैरिटी शाखा, टाटा ट्रस्ट्स ने चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति पर आपत्ति जताई थी। अब यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या चंद्रशेखरन ने टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस के बीच टकराव की वजह से इस्तीफ़ा दिया है।
टाटा संस, 400 अरब डॉलर के टाटा ग्रुप की मुख्य होल्डिंग कंपनी है। यह TCS, टाटा मोटर्स और एयर इंडिया समेत 30 कंपनियों का कामकाज संभालती है। टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की 66% हिस्सेदारी है। पिछले साल फरवरी में, टाटा संस ने चेयरमैन के तौर पर चंद्रशेखरन का कार्यकाल बढ़ाने का फ़ैसला टाल दिया था।
टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने उस समय चंद्रशेखरन का कार्यकाल बढ़ाने का विरोध किया था। नोएल यह पक्का करना चाहते थे कि टाटा संस स्टॉक मार्केट में लिस्ट न हो। सूत्रों का कहना है कि चंद्रशेखरन ने नोएल की मांग के अनुसार ऐसा आश्वासन देने से मना कर दिया था।




























