औद्योगिक इंफ्रास्ट्रकर, जमीन की उपलब्धता और अन्य मुद्दों पर हुई चर्चा
कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के औद्योगिक विकास को लेकर प्रमुख बिजनेस चैंबरों और उद्योगपतियों के साथ बैठेक की। करीब ढाई घंटे तक चली इस बैठक में राज्य सरकार द्वारा लायी जाने वाली नयी औद्योगिक नीति, इज ऑफ डूइंग बिजनेस, इंड्रस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रकर, विभिन्न प्रकार के अनुमोदन और केंद्र की औद्योगिक सहायता योजनाओं के संबंध में विचार-विमर्श हुआ। राज्य सरकार उद्योग को किस तरह सहायता दे सकती है, इस पर भी विचार हुआ।
कौन-कौन हुआ शामिल
बैठक में राज्य के उद्योग मंत्री तापस राय, वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता, परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार, उद्योग से जुड़े विभिन्न विभागों के सचिव, मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल इस बैठक में शामिल हुए।
जमीन की उपलब्धता पर विचार
बैठक में जमीन की उपलब्धता पर भी विचार हुआ। इसमें कहा गया कि सरकार के पास बड़ी मात्रा में जैसे हजार एकड़ या इससे अधिक जमीन की उपलब्धता कम है, लेकिन जरूरत के अनुसार जमीन उपलब्ध करायी जाएगी। कुछ जमीन हैं, जिन्हें लेकर मामले हैं, कुछ बंद कारखानों की जमीन हैं। इन्हें किस तरह से प्राप्त किया जा सकता है, इस पर विचार किया जाएगा।
सरकार चाहती है उद्योग का विकास
बैठक में मौजूद एक उद्योगपति ने कहा कि बैठक से यह स्पष्ट है कि सरकार राज्य में उद्योगों के विकास के लिए कृतसंकल्प है। बैठक बहुत प्रोडक्टिव रही। उद्योग की तरफ से सरकार को कई सुझाव दिए गए। समस्याओं का जिक्र किया, जिसे सरकार ने सुलझाने का आश्वसन दिया। दूसरे राज्य क्या इंसेंटिव दे रहे हैं, इस पर भी चर्चा हुई। इस दिशा में सरकार ने कहा कि वह जितना बन सकेगा, इस दिशा में कार्य करेगी।





























