उन्हें लगा कि वे मुझे डरा-धमकाकर पैसे ऐंठ सकते हैं। लेकिन उन्होंने गलत जगह पंगा ले लिया। उमेश राय ने कहा है कि वे सतर्क तो हैं। उन्हें राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर पूरा भरोसा है।
कोलकाता : राज्य में गिरफ्तार किए गए जैश-ए-मोहम्मद संदिग्ध आतंकवादी न केवल मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, बल्कि राज्य मंत्री उमेश राय को भी टार्गेट किया था। उमेश राय ने दावा किया कि उनसे ₹5 करोड़ की मांग की गई थी। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी ज़िंदगी में कभी एक साथ 5 करोड़ रुपये नहीं देखे। उन्हें लगा कि वे मुझे डरा-धमकाकर पैसे ऐंठ सकते हैं। लेकिन उन्होंने गलत जगह पंगा ले लिया। उमेश राय ने कहा है कि वे सतर्क तो हैं। उन्हें राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर पूरा भरोसा है।
मीडिया से बात करते हुए उमेश राय ने दावा किया कि उन्हें शुरू से ही शक था कि इस घटना में कोई स्थानीय व्यक्ति शामिल है। उन्हें इस बात की भी जानकारी मिल गई थी कि मेरी पत्नी और बेटा क्या करते हैं। मुझे पहले ही दिन एहसास हो गया था कि स्थानीय लोगों की मदद के बिना ऐसी जानकारी जुटाना मुमकिन नहीं था। आज जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, और जो भी इसमें शामिल हैं, वे सभी पकड़े जाएंगे, कोई भी बच नहीं पाएगा।
उग्रवादी ने फोन पर क्या कहा था
एक दिन उन्हें अचानक फ़ोन आया और कहा गया कि अगर वे 5 करोड़ रुपये दे दें, तो उन्हें माफ़ कर दिया जाएगा। उमेश राय ने कहा, “यह सुनकर मैंने पूछा, ‘किस बात के लिए माफ़ किया जाएगा? मैंने ऐसा क्या किया है जिसके लिए मुझे माफ़ी की ज़रूरत है? और ये 5 करोड़ रुपये किसलिए?’ तब मुझे बताया गया कि अगर मैंने पैसे नहीं दिए, तो मुझे उड़ा दिया जाएगा और सिर्फ़ मुझे ही नहीं, बल्कि आपके मुख्यमंत्री को भी उड़ा दिया जाएगा।”
मंत्री ने क्या दिया था जवाब
उन्होंने कहा, “मैंने उनसे कहा, ‘ठीक है, आगे बढ़ो और उड़ा दो। हमने अपनी ज़िंदगी में बहुत सी चीज़ें उड़ाई हैं; देखते हैं तुममें कितना दम है।’ तब से, उन्होंने मुझसे बिल्कुल भी संपर्क नहीं किया है।” उमेश राय का दावा है कि इस पूरी साज़िश का मुख्य निशाना मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी थे।




























