हमीम मंडल स्लीपर सेल स्थापित कर रहा था।
कोलकाता । मिलिटेंट ग्रुप्स से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार हामिम मंडल ने पेशेवर अपराधियों की मदद से एक ‘टारगेट’ की हत्या या अपहरण की साजिश रची थी। हमीम को मोहरा बना ISI ने राज्य में अशांति फैलाने की साजिश रही थी । जांचकर्ताओं का कहना है कि मंडल स्लीपर सेल स्थापित कर रहा था, नेताओं पर नज़र रख रहा था, और संभावित तोड़फोड़ अभियानों के लिए रसद संबंधी सहायता की व्यवस्था कर रहा था। STF सूत्रों का कहना है कि , हामिम ने राज्य में एक ‘हाई-प्रोफाइल टारगेट’ की हत्या के लिए जेल में बंद एक गैंगस्टर को कॉन्ट्रैक्ट देने की योजना बनाई थी। हमीम ने पाकिस्तान में अपने हैंडलर्स को जेल में बंद गैंगस्टर के बारे में भी जानकारी दी थी। गैंगस्टर की पूरी जानकारी शहजाद भट्टी ग्रुप को भेजी गई थी। यह गैंगस्टर एक अंतर-राज्यीय गिरोह चलाता है, जिसमें इस राज्य और दूसरे राज्यों के कई कुख्यात अपराधी शामिल हैं।
कौन था टार्टेगेट
STF अधिकारियों ने संकेत दिया है कि ‘टारगेट’ राज्य की एक जानी-मानी हस्ती है। हमीम और उसके द्वारा भर्ती किए गए कई युवा उस व्यक्ति की गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी जुटा रहे थे। हमीम के मोबाइल फोन से मिली एन्क्रिप्टेड चैट हिस्ट्री की जांच से इस हाई-प्रोफाइल व्यक्ति की गतिविधियों के बारे में अहम जानकारी मिली है। सूत्रों के मुताबिक, आबिद जाट—या कोई और—दुबई से सीधे उस गैंगस्टर से बात करने वाला था। गोपनीयता बनाए रखने के लिए इस बातचीत में हमीम को शामिल करने की योजना नहीं थी। ‘कॉन्ट्रैक्ट’ के पैसे को हवाला के ज़रिए ट्रांसफर करने की योजना थी। STF सूत्रों का कहना है कि अपराधी से जेल में पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि गैंगस्टर से संपर्क हुआ था या नहीं।





























