राज्य मंत्री उमेश राय और उनका परिवार भी हिट लिस्ट में था शामिल
कोलकाता : पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF) ने कहा है कि गिरफ़्तार किए गए जैश आतंकवादी का मुख्य निशाना राज्य के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी थे। साथ ही राज्य के नगर मामलों के राज्य मंत्री उमेश राय और उनका परिवार भी आतंकवादियों की हिट लिस्ट में शामिल था। जांचकर्ताओं का दावा है कि हमीम और उसके साथी पाकिस्तान स्थित शहज़ाद भट्टी नेटवर्क के निर्देशों पर काम करते थे। शनिवार को STF ने हमीम की महिला साथी अर्पिता को गिरफ़्तार किया। पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फ़ोर्स के इंस्पेक्टर जनरल (IG) गौरव शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं और देश-विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की साज़िश का खुलासा हुआ।
पाकिस्तान से मिले निर्देशों पर करता था काम
जांच से पता चला है कि पाकिस्तान से मिले निर्देशों पर काम करते हुए, प्रभावशाली लोगों से निजी संबंध बनाकर जानकारी हासिल करने की साजिश रची गई थी। STF ने पुष्टि की है कि अर्पिता और हमीम ने राज्य सरकार में नगर मामलों के राज्य मंत्री उमेश राय के बेटे को हनी ट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने और उसका अपहरण करने की पक्की योजना बनाई थी।
जंतर-मंतर समेत कई जगहों पर हमले की साजिश
STF की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई चौंकाने वाले अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आए हैं। पता चला है कि इस मॉड्यूल ने पुलिस की वर्दी पहनकर दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई हाई-प्रोफाइल जगहों पर खतरनाक हमले करने की साजिश रची थी। आतंकवादियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहे छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को निशाना बनाकर एक विध्वंसक हमले की साजिश रची थी। यह जानकारी हमीम मंडल और उसकी साथी अर्पिता सरकार की गिरफ्तारी के बाद हुई जांच में सामने आई है। इस ऑपरेशन के लिए पुलिस की वर्दी हासिल करने की योजना भी बनाई गई थी। हमीम के पास से लंदन और मैक्सिको के अंतरराष्ट्रीय सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।आशंका है कि इन सिम कार्ड्स का इस्तेमाल विदेश में बैठे हैंडलर्स के साथ एन्क्रिप्टेड बातचीत करने और देश भर में स्लीपर सेल्स व उग्रवादी नेटवर्क को मज़बूत करने के लिए किया गया।
मुख्यमंत्री पर रखी जा रही थी नजर
यह भी पता चला कि उनके रोज़ के कार्यक्रम की पल-पल की जानकारी पर नज़र रखी जा रही थी; जैसे कि वे न्यूटाउन स्थित अपने घर से कब निकलेंगे, उनके काफिले की गाड़ियाँ कहाँ खड़ी होंगी, और उनकी अगली मीटिंग या गंतव्य की जगहें, इन सभी जानकारियों का पता लगाया गया था।





























