भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘ज़ीरो-टॉलरेंस‘ का रुख दोहराया है
कोलकाता : राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है। लोग इस नंबर का इस्तेमाल किसी भी तरह के भ्रष्टाचार या अपराध की —जैसे ‘कट-मनी’ और गैर-कानूनी टोल से लेकर अवैध शराब के अड्डों तक रिपोर्ट करने के लिए कर सकते हैं ।
मंगलवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य पुलिस मुख्यालय, भवानी भवन में चार टोल-फ्री नंबरों की घोषणा की। ये टोल-फ़्री नंबर हैं –
1800-345-0166
1800-345-0167
1800-345-0168
1800-345-0169
बनाया जा रहा है कंट्रोल रूम
नवान्ना में एक कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है, जहां से इन टोल-फ्री नंबरों पर मिली शिकायतों की जांच करने से लेकर आगे की कार्रवाई तक का कार्य होगा।इन चार नंबरों पर सुबह 8 बजे से रात 10 बजे के बीच कॉल किया जा सकता है।
गलत इस्तेमाल न करने की चेतावनी
मुख्यमंत्री ने इस सुविधा का गलत इस्तेमाल न करने की चेतावनी दी। उन्होंने आगाह किया कि अगर निजी रंजिश निकालने या बदला लेने के लिए गलत जानकारी दी गई, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सभी कॉल होगी रिकॉर्ड
राज्य के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने कहा है कि टोल-फ्री नंबर पर आने वाली सभी कॉल रिकॉर्ड की जाएंगी। ज़रूरत पड़ने पर इन रिकॉर्डिंग्स को बाद में सुना जा सकेगा। शिकायतों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जाएगा। इपुलिस अधिकारी हर शिकायत की जांच करेंगे और उचित कार्रवाई करेंगे। दर्ज शिकायतों और की गई कार्रवाई की जानकारी मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर ज़ोर
मुख्यमंत्री ने पुलिस के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर ज़ोर दिया और पुलिस के लिए एक वेलफ़ेयर काउंसिल बनाने की बात कही।
1,00,000 पुलिस कर्मियों की भर्ती
सीएम ने कहा कि 1,00,000 कर्मियों की भर्ती की जाएगी , जिसमें 47,000 मौजूदा खाली पदों को भरना भी शामिल है। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि लक्ष्य पुलिस-जनसंख्या अनुपात को धीरे-धीरे बढ़ाकर प्रति 1,00,000 लोगों पर 200 करना है, जैसा कि उत्तर प्रदेश में है; अभी राज्य में यह आंकड़ा सिर्फ़ 106 है।
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों से फिट रहने का आग्रह किया। उन्होंने केंद्र की मदद से राज्य के 552 पुलिस स्टेशनों में से कम से कम 250 में बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की योजना की घोषणा की।
सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि 15 साल से ज़्यादा समय से सेवा कर रहे पुलिसकर्मियों को उनकी सुविधा के लिए उनके गृह ज़िलों में काम करने की अनुमति दी जाए या नहीं। उन्होंने घोषणा की कि पुलिस का राशन भत्ता 500 रुपये बढ़ाकर 2,000 रुया पये कर दिया जाएगा। यह अक्टूबर से लागू होगा।































