कट-मनी, सिंडिकेट राज और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से मुक्त बंगाल बनाने का दावा, सिलिगुड़ी में पहली प्रशासनिक बैठक
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने बुधवार को दावा किया कि राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद पिछले कुछ हफ्तों में व्यवस्था में स्पष्ट बदलाव दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि अब राज्य को कट-मनी, सिंडिकेट राज और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से मुक्त किया जाएगा तथा स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर आधारित शासन स्थापित किया जाएगा।उत्तर बंगाल के Siliguri में अपने पहले आधिकारिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के “संकल्प पत्र” में किए गए सभी वादों को अगले एक वर्ष के भीतर पूरा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल ने पिछले एक दशक से भाजपा का समर्थन किया है और अब क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य में पिछले दो हफ्तों से बदलाव शुरू हो चुका है। हमारी सरकार जनता की सरकार होगी, न कि किसी पार्टी या परिवार की सरकार। हम भ्रष्टाचार, माफिया और सिंडिकेट संस्कृति को खत्म करेंगे।”इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक बैठक भी की, जिसमें मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल, राज्य मंत्री Dilip Ghosh, Nishith Pramanik और खुदीराम टुडू मौजूद रहे।मुख्यमंत्री ने कहा कि जुलाई से वह हर महीने उत्तर बंगाल का दौरा करेंगे। तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उनके साथ रहेंगे। उन्होंने उत्तर बंगाल विकास मंत्री निशीथ प्रमाणिक को क्षेत्र के लोगों से सुझाव लेने और विकास योजनाओं की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी।
उन्होंने कहा, “1 जून से राज्य में और अधिक स्पष्ट बदलाव दिखाई देंगे और संकल्प पत्र के वादे धरातल पर उतरने लगेंगे। सरकार और भाजपा संगठन मिलकर काम कर रहे हैं।”मुख्यमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि अनेक कार्यकर्ताओं ने पार्टी का झंडा उठाने के कारण प्रताड़ना झेली, जेल गए और हिंसा का सामना किया।उन्होंने पहाड़ी समुदाय, मतुआ और राजबंशी समुदाय का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकार में इन समुदायों का अपमान हुआ। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार सभी समुदायों को सम्मान और विकास का अवसर देगी।मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि उत्तर बंगाल विकास मंत्री निशीथ प्रमाणिक प्रत्येक सप्ताह “उत्तर कन्या” सचिवालय में जनता की शिकायतें सुनेंगे।गौरतलब है कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में उत्तर बंगाल की 54 सीटों में से भाजपा ने 40 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि तृणमूल कांग्रेस को 14 सीटें मिली थीं। दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में तृणमूल कांग्रेस अपना खाता तक नहीं खोल

























