घाटाल मास्टर प्लान पर भी बड़ा फैसला; सचिवों की बैठक में CM शुभेंदु के अहम संदेश
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में प्रशासनिक कामकाज को तेज़ और विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने के लिए मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने सोमवार को नवान्न में राज्य के 34 विभागों के सचिवों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने कई बड़े फैसले लेते हुए राज्य में फिर से 100 दिन के काम (मनरेगा) शुरू करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हर महीने सभी विभागों के सचिवों के साथ नियमित समन्वय बैठक की जाएगी, ताकि परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा और प्रशासनिक फैसलों में तेजी लाई जा सके।
बैठक में लंबे समय से लंबित पड़े घाटाल मास्टर प्लान को भी विशेष महत्व दिया गया। बाढ़ नियंत्रण और जल निकासी व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से बनाई गई इस परियोजना को अब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर लागू करेंगे। योजना के खर्च का 50-50 प्रतिशत हिस्सा केंद्र और राज्य सरकार वहन करेंगे। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को जल्द वित्तीय और तकनीकी प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। प्रशासन का मानना है कि इस परियोजना के लागू होने से पश्चिम मिदनापुर और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अहम निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना पर जल्द फैसला लेने के लिए स्वास्थ्य विभाग को 8 जून तक संबंधित समझौता अंतिम रूप देने को कहा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में केंद्रीय स्वास्थ्य योजना लागू करने में अब और देरी नहीं होनी चाहिए।
इसके अलावा 11 जून को दिल्ली में होने वाली NITI Aayog की बैठक की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पहली बार पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में इस बैठक में शामिल होंगे। इसके लिए सभी विभागों को राज्य की विकास योजनाओं, वित्तीय स्थिति और भविष्य की परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में ग्रामीण रोजगार और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 100 दिन के काम को फिर से सक्रिय कर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने की दिशा में तेजी से कदम उठाए जाएं।
कुल मिलाकर, नवान्न में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक से राज्य सरकार की अधिक सक्रिय और समन्वित प्रशासनिक भूमिका का संकेत मिला है।


























