भ्रष्टाचार रोकने के लिए शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की Suvendu Adhikari सरकार ने सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने सभी विभागों, सरकारी संस्थानों और एजेंसियों के लिए केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) की गाइडलाइंस को अनिवार्य कर दिया है।
राज्य के वित्त विभाग की ओर से इस सप्ताह जारी अधिसूचना में कहा गया है कि अब से सरकारी सामान की खरीद, सेवाओं के चयन और विभिन्न परियोजनाओं के टेंडर जारी करने में CVC के नियमों का पालन करना जरूरी होगा। अब तक इन प्रक्रियाओं में मुख्य रूप से राज्य के अपने वित्तीय नियम लागू होते थे।
नवान्न सूत्रों के अनुसार, पिछली सरकार के कार्यकाल में कई परियोजनाओं और टेंडर प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद भाजपा सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है। सरकार का मानना है कि CVC गाइडलाइंस लागू होने से सरकारी खरीद में पारदर्शिता बढ़ेगी और पक्षपात या कमीशन लेने जैसी शिकायतों पर काफी हद तक रोक लगेगी।
राज्य के वित्त सचिव प्रभात मिश्रा द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि मौजूदा वित्तीय नियमों के साथ-साथ CVC की सभी गाइडलाइंस का पालन करना अनिवार्य होगा। सभी विभागों को इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया गया है।
वित्त विभाग के एक अधिकारी ने कहा, “मुख्यमंत्री शुरू से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े रुख के पक्ष में रहे हैं। इसलिए कार्यभार संभालने के केवल 15 दिनों के भीतर यह अहम फैसला लिया गया।”
प्रशासनिक हलकों का मानना है कि इस फैसले से सरकारी टेंडर और खरीद प्रक्रिया पर निगरानी और मजबूत होगी तथा भविष्य में सरकारी परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोपों को रोकने में मदद मिलेगी।


























