CAA में छूट नहीं मिलने वालों को BSF को सौंपा जाएगा
कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने अवैध घुसपैठियों के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए नागरिकता संशोधन कानून (CAA) से जुड़ी नई व्यवस्था लागू कर दी है। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने बुधवार को नवान्न में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घोषणा की कि जो लोग CAA के दायरे में नहीं आते, उन्हें गिरफ्तार कर सीधे सीमा सुरक्षा बल (BSF) के हवाले किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने 14 मई 2025 को इस संबंध में एक निर्देशिका राज्य सरकार को भेजी थी, लेकिन पिछली सरकार ने इसे लागू नहीं किया। अब भाजपा सरकार ने पहली बार सत्ता में आने के बाद इस कानून को पश्चिम बंगाल में प्रभावी कर दिया है।
BSF को सौंपी गई 27 किलोमीटर जमीन
उत्तर बंगाल दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने सीमा पर कंटीले तार लगाने के लिए BSF को 27 किलोमीटर लंबी जमीन सौंप दी है। उन्होंने कहा,
“BSF के साथ मजबूत समन्वय बनाकर हम राज्य और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।”
किन लोगों पर होगी कार्रवाई?
मुख्यमंत्री के अनुसार, CAA के तहत सात समुदायों के लोगों को संरक्षण मिलेगा। 31 दिसंबर 2024 तक यदि हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोग बांग्लादेश, पाकिस्तान या अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हैं, तो उन्हें पुलिस परेशान नहीं करेगी।
लेकिन जो लोग CAA के तहत नहीं आते, उन्हें “पूरी तरह अवैध घुसपैठिया” माना जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा,
“राज्य पुलिस ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर BSF को सौंप देगी। इसके बाद सीमा सुरक्षा बल और बांग्लादेश सीमा रक्षक बल (BGB) के साथ समन्वय कर उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया होगी। हमारा लक्ष्य है — Detect, Delete and Deport।”
सीमावर्ती थानों को निर्देश
राज्य के डीजीपी और मुख्य सचिव को इस संबंध में जरूरी निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सीमावर्ती सभी थानों में यह प्रक्रिया तुरंत लागू करने का आदेश दिया गया है।
क्या है केंद्र सरकार की नीति?
पिछले वर्ष केंद्र सरकार ने गजट अधिसूचना जारी कर कहा था कि धार्मिक उत्पीड़न के शिकार होकर या उसके भय से भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई शरणार्थियों को राहत दी जाएगी। इनमें वे लोग शामिल हैं जो 31 दिसंबर 2024 तक भारत आए हैं।
इसके तहत भले ही उनके पास वैध दस्तावेज न हों या वीजा की अवधि समाप्त हो चुकी हो, उन्हें भारत में रहने की अनुमति दी जा सकती है।
नए कानून में क्या प्रावधान?
2025 में लागू हुए “इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट” की धारा 33 के तहत केंद्र सरकार को विशेष परिस्थितियों में नियमों में बदलाव करने का अधिकार दिया गया है। इसी प्रावधान के तहत केंद्र ने यह नई व्यवस्था लागू की है, जिसे अब पश्चिम बंगाल सरकार ने भी लागू करने की घोषणा की है।

























