1 जून से महिलाओं के लिए फ्री बस सेवा
इमाम, पुरोहित और तमाम धार्मिक भत्तों पर अगले महीने से रोक
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में नई सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक के बाद कई बड़े फैसलों और नीतिगत घोषणाओं की जानकारी सामने आई है। सरकार ने महिलाओं, सरकारी कर्मचारियों, कानून-व्यवस्था, अवैध कब्जे और विकास से जुड़े मुद्दों पर सख्त रुख अपनाने का संकेत दिया है।
महिलाओं और बच्चों के लिए “अन्नपूर्णा” योजना को सैद्धांतिक मंजूरी
कैबिनेट बैठक में महिलाओं और बच्चों के लिए “अन्नपूर्णा” योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इसके साथ ही वर्ष 2026 तक राज्य की सभी महिलाओं को मुफ्त यात्रा सुविधा देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है।
सातवां वेतन आयोग लागू करने का ऐलान
राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग को लागू करने की घोषणा की गई। सरकार ने कहा कि जल्द ही इसका रोलआउट शुरू किया जाएगा, जिससे लाखों कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
अल्पसंख्यक और मदरसा आधारित योजनाओं पर रोक
बैठक में धर्म आधारित प्रोत्साहन योजनाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने कहा कि अल्पसंख्यक और मदरसा आधारित सभी प्रोत्साहन योजनाओं को बंद किया जाएगा।
हाईकोर्ट के आरक्षण संबंधी फैसले का उल्लेख
कैबिनेट में कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार की आरक्षण व्यवस्था रद्द किए जाने के फैसले का भी उल्लेख किया गया। सरकार ने संकेत दिया कि इस मुद्दे पर आगे कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।
केंद्र की सभी योजनाएं तुरंत लागू होंगी
सरकार ने कहा कि केंद्र सरकार की सभी योजनाओं को राज्य में तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा ताकि जनता को सीधा लाभ मिल सके।
कानून-व्यवस्था पर सख्त संदेश
बैठक के बाद कहा गया कि राज्य में कानून का सख्ती से पालन कराया जाएगा और शांति एवं विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।
राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने पार्क सर्कस और आसनसोल हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। वोट बैंक की राजनीति के नाम पर हिंसा और अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अवैध कब्जे और अतिक्रमण पर कार्रवाई
सरकार ने साफ कहा कि अवैध अतिक्रमण और अवैध व्यावसायिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अतिक्रमण हटाने के लिए समय दिया जाएगा, लेकिन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई तय है।
गोमाता और पशुपालन कानून पर जोर
बैठक में पशुपालन और गोसंरक्षण से जुड़े कानूनों के पालन पर भी जोर दिया गया। सरकार ने कहा कि गोमाता को सम्मान देने और संबंधित कानूनों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है।
पूर्व मुख्यमंत्री पर निशाना
बैठक के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधा गया। आरोप लगाया गया कि उन्होंने गलत जानकारी दी और अपने पद की गरिमा का सम्मान नहीं किया।
सूत्रों के मुताबिक अगली कैबिनेट बैठक 15 दिनों के भीतर आयोजित की जाएगी, जिसमें कई अन्य अहम फैसले लिए जा सकते हैं।

























