शांतनु की गिरफ्तारी के बाद CM का बड़ा फैसला
टोटो, ऑटो और हॉकर्स से वसूली पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
कोलकाता : CM Suvendu Adhikari ने शनिवार को बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए पुलिस वेलफेयर बोर्ड को भंग करने की घोषणा की। डायमंड हार्बर में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमवार को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि टोटो, ऑटो चालकों और हॉकर्स से जबरन वसूली अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई पैसे मांगता है तो सीधे थाने में शिकायत करने की सलाह दी गई है। उन्होंने लोगों से बिना रसीद किसी को भी पैसा न देने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के दौरान जिन लोगों से कटमनी ली गई है, वे भी थाने में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत की जांच होगी और आरोप सही पाए जाने पर पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। हालांकि झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ भी कानून के तहत कदम उठाए जाएंगे।
“राजनीतिक संगठन बन गया था बोर्ड”
मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि 2012 में बनाई गई पुलिस वेलफेयर बोर्ड बाद में एक राजनीतिक दल की शाखा संगठन बन गई थी। उन्होंने कहा,
“बोर्ड अच्छे उद्देश्य से बनाया गया था, लेकिन बाद में इसका इस्तेमाल कुछ अधिकारियों के हित में होने लगा।”
उन्होंने विशेष रूप से गिरफ्तार पुलिस अधिकारी Shantanu Singh और विजिताश्व राउत का नाम लेते हुए कहा कि बोर्ड से आम पुलिसकर्मियों से ज्यादा कुछ अधिकारियों को फायदा मिला।
शांतनु की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी हलचल
कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिंह को गुरुवार को भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद राज्य की पुलिस व्यवस्था और पुराने प्रशासनिक ढांचे को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
राजनीतिक हिंसा और पुलिस उत्पीड़न पर भी शिकायत दर्ज होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब पुलिस भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अनुसार कार्रवाई करेगी। राजनीतिक हिंसा के शिकार लोग, पुलिस द्वारा कथित उत्पीड़न झेलने वाले नागरिक और थानों में शिकायत दर्ज कराने में परेशान हुई महिलाएं भी अब शिकायत कर सकेंगी।
उन्होंने दावा किया,
“अब शासक का कानून नहीं, कानून का शासन चलेगा।”

























