केंद्र ने शुरू किया रोडमैप तैयार करना
बिहार में भी अब अवैध घुसपैठ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी तेज हो गई है। असम और पश्चिम बंगाल के बाद केंद्र सरकार की नजर अब सीमांचल क्षेत्र पर है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री Nityanand Rai ने संकेत दिए हैं कि बिहार में घुसपैठियों की पहचान और उन्हें बाहर निकालने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार विस्तृत रणनीति पर काम कर रही है।
मधुबनी जिले के मधेपुर में भाजपा के झंझारपुर जिला प्रशिक्षण वर्ग कार्यक्रम में पहुंचे नित्यानंद राय ने कहा कि कार्रवाई के पहले चरण में सीमांचल क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के जरिए बड़ी संख्या में संदिग्ध घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah सीमांचल क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं और पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उनके मुताबिक, सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ रोकना केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
ईवीएम को लेकर विपक्ष के आरोपों पर भी नित्यानंद राय ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष इसलिए सवाल उठा रहा है क्योंकि अब “बैलेट लूटने” की राजनीति संभव नहीं रही। राय ने तंज कसते हुए कहा कि जिन राज्यों में विपक्ष जीतता है वहां ईवीएम पर सवाल नहीं उठते, लेकिन एनडीए की जीत होते ही मशीनों पर आरोप लगाए जाने लगते हैं।
पश्चिम बंगाल की राजनीति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा की जीत वहां “तुष्टिकरण और अराजकता की राजनीति” पर बड़ा प्रहार साबित होगी। साथ ही दावा किया कि Suvendu Adhikari के मुख्यमंत्री बनने के बाद बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ की फेंसिंग का काम और तेज होगा।
हालांकि बिहार से घुसपैठियों को बाहर निकालने की समयसीमा पर केंद्रीय मंत्री ने साफ जवाब देने से बचते हुए कहा कि फिलहाल पहचान की प्रक्रिया जारी है और सरकार चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है।
कार्यक्रम में पूर्व सांसद वीरेंद्र कुमार चौधरी, पूर्व मंत्री विनोद नारायण झा, पूर्व विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल और भाजपा जिलाध्यक्ष बच्चा बाबू कामत समेत कई भाजपा नेता मौजूद रहे।

























