बंगाल की बढ़ती अहमियत के संकेत
कोलकाता : मई महीने के आखिर में भारत दौरे पर आ रहे अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio के कोलकाता आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि उनके दौरे का आधिकारिक कार्यक्रम अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन अमेरिकी मीडिया और कोलकाता स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के सूत्रों के अनुसार रुबियो 24 से 26 मई के बीच भारत यात्रा पर रहेंगे और इस दौरान दिल्ली के साथ-साथ कोलकाता भी आ सकते हैं।
दिल्ली में रुबियो कई अहम बैठकों में हिस्सा लेंगे। इनमें भारत-अमेरिका द्विपक्षीय वार्ता के अलावा क्वाड देशों — भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया — के विदेश मंत्रियों की बैठक भी शामिल है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान युद्ध की पृष्ठभूमि में यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अगर मार्को रुबियो का कोलकाता दौरा होता है, तो यह पिछले 14 वर्षों में किसी अमेरिकी विदेश मंत्री की पहली कोलकाता यात्रा होगी। इससे पहले साल 2012 में तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री Hillary Clinton कोलकाता आई थीं और उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री Mamata Banerjee से महाकरण में लंबी बैठक की थी। उस दौरान तीस्ता समझौता और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में हाल ही में बनी Suvendu Adhikari सरकार के बाद राज्य की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अहमियत बढ़ी है। ऐसे में अमेरिकी विदेश मंत्री का संभावित कोलकाता दौरा एक बड़ा राजनीतिक और कूटनीतिक संदेश माना जा रहा है।
बीते एक दशक में भारत में कई वैश्विक नेता आए, जिनमें Narendra Modi के कार्यकाल में Barack Obama, Joe Biden, Donald Trump, Xi Jinping और Vladimir Putin जैसे नेताओं के भारत दौरे शामिल रहे। लेकिन कोलकाता लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक गतिविधियों से लगभग दूर रहा। कोलकाता स्थित अमेरिकी कॉन्सुलेट ने हाल ही में संकेत दिया था कि वे विदेश मंत्री रुबियो के स्वागत की तैयारी को लेकर उत्साहित हैं। हालांकि अमेरिकी दूतावास ने अब तक औपचारिक पुष्टि नहीं की है।
राजनीतिक हलकों में इस संभावित दौरे को प्रतीकात्मक रूप से “14 साल के वनवास के अंत” के तौर पर भी देखा जा रहा है, क्योंकि लंबे समय बाद कोई बड़ा पश्चिमी नेता बंगाल की राजधानी का रुख कर सकता है।

























