पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष Suvendu Adhikari के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष Samik Bhattacharya ने इस घटना को “पूरी तरह योजनाबद्ध और राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित हत्या” बताया है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा भी जवाब देना जानती है, लेकिन संयम बरत रही है।बारासात मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचकर शमिक ने कहा, “अगर कोई यह सोचता है कि शेर शांत है, इसलिए उसे लात मार देगा, तो वह गलतफहमी में है। हम तृणमूल की भाषा में जवाब देना जानते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे।” भाजपा नेताओं का आरोप है कि चंद्रनाथ रथ का राजनीति से सीधा कोई संबंध नहीं था और वह केवल शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी के तौर पर काम करते थे। ऐसे में उनकी हत्या के पीछे राजनीतिक साजिश होने का दावा किया जा रहा है। शमिक ने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री Narendra Modi के आगामी पश्चिम बंगाल दौरे से पहले भाजपा को संदेश देने के लिए यह हमला किया गया? उन्होंने कहा, “इतनी बड़ी हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने आकर नहीं की। स्थानीय अपराधियों और स्थानीय तृणमूल नेताओं को इसकी जानकारी नहीं थी, ऐसा हो ही नहीं सकता।”शमिक भट्टाचार्य ने बताया कि जब बुधवार रात शुभेंदु अधिकारी अस्पताल के लिए निकले थे, तब उन्हें भी यह जानकारी नहीं थी कि चंद्रनाथ की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा, “शुभेंदु सोच रहे थे कि बेहतर इलाज के लिए उन्हें कहीं और ले जाया जाएगा। बेहद दुखद स्थिति में मुझे उन्हें बताना पड़ा कि चंद्रनाथ अब नहीं रहे।”भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बारासात-मध्यग्राम इलाके में लंबे समय से अपराध और असामाजिक गतिविधियों का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों में तृणमूल सरकार ने अपराधियों को खुली छूट दे दी है। उन्होंने दावा किया कि इस इलाके से फर्जी आधार कार्ड और राशन कार्ड बनाने का बड़ा नेटवर्क चल रहा है। इस बीच, भाजपा सांसद Dilip Ghosh ने भी मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर हमला बोला। दिलीप घोष ने कहा, “ममता बनर्जी ने जिन गुंडों को राजनीति में जगह दी, अब पूरे राज्य को उसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।”
गौरतलब है कि आगामी शनिवार को कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में भाजपा का शपथ ग्रहण समारोह प्रस्तावित है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah समेत कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में चंद्रनाथ रथ की हत्या को लेकर राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है।

























