कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद उत्पन्न हालात को लेकर राजभवन सक्रिय हो गया है। बुधवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल ने राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन रवि (रवीन्द्र नारायण रवि) से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने 293 विधानसभा सीटों के गजट नोटिफिकेशन राज्यपाल को सौंपे और चुनाव से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी. राजभवन सूत्रों के अनुसार, बैठक में चुनाव के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों से सामने आई हिंसा की घटनाओं पर विशेष चर्चा हुई। राज्यपाल ने बतौर संवैधानिक प्रमुख इन घटनाओं की विस्तृत रिपोर्ट CEO से मांगी और स्थिति की पूरी जानकारी ली।
बताया गया कि नई सरकार के गठन से पहले चुनाव प्रक्रिया, परिणाम और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर राज्यपाल को अवगत कराया गया। 293 सीटों के आधिकारिक चुनाव परिणाम भी उनके समक्ष प्रस्तुत किए गए। संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक, नई सरकार के शपथ ग्रहण तक राज्य की प्रशासनिक जिम्मेदारी चुनाव आयोग के पास रहती है। यदि किसी दल को स्पष्ट बहुमत मिलता है तो राज्यपाल उस दल के नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं। वहीं, त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में राज्यपाल अपने विवेक से सबसे बड़े दल या गठबंधन को मौका देते हैं। इस बार राज्य में भाजपा को बहुमत मिलने की बात सामने आई है, लेकिन ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों को स्वीकार करने से इनकार किया है। उन्होंने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया है और इस्तीफा देने से भी मना कर दिया है। हालांकि, CEO मनोज अग्रवाल ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। गौरतलब है कि मार्च में सी.वी. आनंद बोस के इस्तीफे के बाद रवि को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनाया गया था। उनके कार्यभार संभालने के बाद प्रशासनिक स्तर पर कई अहम बदलाव भी किए गए थे। चुनावी व्यस्तताओं के चलते अब तक CEO और राज्यपाल की मुलाकात नहीं हो पाई थी, लेकिन बुधवार को यह महत्वपूर्ण बैठक हुई।

























