दोनों पर घोषित था कुल सात लाख रुपये का इनाम
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में माओवादी गतिविधियों को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। कोलकाता पुलिस कमिश्नर ने राज्य को पूरी तरह माओवादी मुक्त घोषित करने का दावा किया है। इस बीच, माओवादी संगठन से जुड़े दो सदस्यों मंगल और मालती ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों ने अपने पास मौजूद हथियार भी पुलिस को सौंप दिए। पुलिस के मुताबिक, दोनों लंबे समय से झारखंड से आकर झाड़ग्राम और आसपास के जंगलों में माओवादी गतिविधियों से जुड़े हुए थे।
मंगल और मालती ने क्यों किया आत्मसमर्पण?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंगल और मालती मूल रूप से झारखंड से जुड़े थे और झाड़ग्राम के जंगलों में सक्रिय रहे थे। बाद में दोनों का संपर्क सारांडा के जंगलों में माओवादी नेता आकाश से हुआ था। बताया जा रहा है कि मंगल का संबंध माओवादी नेता किशनजी से भी रहा था।
सूत्रों का दावा है कि जनवरी 2026 के बाद दोनों ने संबंधित इलाके को छोड़ दिया था। इसके बाद उन्होंने माओवादी संगठन से संबंध तोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। सामान्य जीवन जीने की इच्छा के साथ दोनों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया।
दोनों पर घोषित था कुल सात लाख रुपये का इनाम
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मंगल और मालती पर इनाम घोषित था। मंगल के बारे में जानकारी देने या उसे पकड़ने के लिए पांच लाख रुपये, जबकि मालती पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इस तरह दोनों पर कुल सात लाख रुपये का इनाम था।
दोनों के आत्मसमर्पण को राज्य में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मंगल के पास से AK-47, मालती ने सौंपा असॉल्ट राइफल
आत्मसमर्पण के दौरान दोनों ने अपने पास मौजूद आग्नेयास्त्र पुलिस को सौंप दिए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंगल के पास से एक AK-47 राइफल और कारतूस बरामद हुए हैं। वहीं, मालती ने एक असॉल्ट राइफल पुलिस के हवाले की।
हथियारों की बरामदगी को भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए अहम माना जा रहा है। हालांकि, दोनों के संगठन से जुड़ने, उनकी भूमिका और गतिविधियों के दायरे को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
2012 के बाद से 13 माओवादियों के नाम पुलिस की सूची में
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2012 के बाद से राज्य में 13 माओवादी सदस्यों के नाम पुलिस की सूची में रहे हैं। इनमें से कई ने आत्मसमर्पण किया, जबकि कुछ को गिरफ्तार किया गया। इसी क्रम में मंगल और मालती का आत्मसमर्पण हुआ है।
पिछले कुछ वर्षों में पुलिस और सुरक्षा बलों ने माओवादी गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए कई अभियान चलाए हैं। आत्मसमर्पण और गिरफ्तारियों के साथ संगठन से जुड़े लोगों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयास भी किए गए हैं।
माओवादी मुक्त होने के दावे पर नजर
मंगल और मालती के आत्मसमर्पण के बाद कोलकाता पुलिस कमिश्नर ने पश्चिम बंगाल को पूरी तरह माओवादी मुक्त होने का दावा किया है। हालांकि, राज्य में माओवादी गतिविधियों की वर्तमान स्थिति को लेकर इस दावे की आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल, दोनों के आत्मसमर्पण और उनके पास से आधुनिक हथियारों की बरामदगी को सुरक्षा के लिहाज से अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। अब पुलिस की आगे की जांच और आधिकारिक जानकारी पर नजर रहेगी।































