कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य योजना के लाभार्थियों के लिए इलाज की सुविधा का दायरा बढ़ा दिया है। अब योजना के तहत देश के पांच और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों (AIIMS) में इलाज कराने पर निर्धारित नियमों के अनुसार खर्च की प्रतिपूर्ति मिल सकेगी। राज्य के वित्त विभाग के मेडिकल सेल ने बुधवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की। इस फैसले से खासकर कोलकाता से दूर रहने वाले सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अधिसूचना में इलाज के खर्च की प्रतिपूर्ति से जुड़े नियमों को भी स्पष्ट किया गया है। नई व्यवस्था के तहत संबंधित AIIMS में इलाज कराने से पहले सरकार से अग्रिम अनुमति लेने की अनिवार्यता नहीं होगी। हालांकि, खर्च वापस पाने के लिए स्वास्थ्य योजना की निर्धारित शर्तों और सीमाओं का पालन करना जरूरी होगा।
इन पांच AIIMS को मिली स्वास्थ्य योजना में जगह
अब तक दिल्ली के अंसारी नगर स्थित AIIMS को राज्य की स्वास्थ्य योजना के तहत इलाज के लिए सूचीबद्ध किया गया था। नई अधिसूचना के बाद पांच अन्य संस्थानों को भी इस सूची में शामिल किया गया है।
इनमें शामिल हैं:
- AIIMS पटना: बिहार
- AIIMS गुवाहाटी: असम
- AIIMS कल्याणी: पश्चिम बंगाल
- AIIMS भुवनेश्वर: ओडिशा
- AIIMS देवघर: झारखंड
इन संस्थानों में योजना के पात्र लाभार्थी जरूरत के अनुसार बाह्य रोगी विभाग (OPD), जांच, अस्पताल में भर्ती होने और भर्ती रहकर इलाज कराने जैसी सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। हालांकि, इन सेवाओं पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति संबंधित योजना के नियमों के अनुसार ही की जाएगी।
इलाज के खर्च की प्रतिपूर्ति कैसे होगी?
वित्त विभाग की अधिसूचना के अनुसार, संबंधित AIIMS में इलाज के लिए संस्थान द्वारा ली गई वास्तविक राशि और राज्य की स्वास्थ्य योजना के तहत प्रतिपूर्ति के लिए निर्धारित राशि में से जो भी कम होगी, उतनी ही रकम वापस की जाएगी।
इसका मतलब है कि अस्पताल में खर्च हुई पूरी राशि की प्रतिपूर्ति अपने आप सुनिश्चित नहीं होगी। यदि संस्थान का बिल योजना के तहत निर्धारित सीमा से अधिक है, तो अतिरिक्त राशि लाभार्थी को स्वयं वहन करनी पड़ सकती है। योजना की अन्य शर्तें, सीमाएं और प्रतिबंध पहले की तरह लागू रहेंगे।
नई व्यवस्था का लाभ लेने से पहले मरीजों और उनके परिजनों को संबंधित इलाज की पात्रता और प्रतिपूर्ति की सीमा की जानकारी लेना जरूरी होगा।
OPD के खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए भी शर्तें
बाह्य रोगी विभाग यानी OPD में इलाज कराने पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए भी विशेष नियम बनाए गए हैं। अधिसूचना के मुताबिक, 19 सितंबर 2008 को जारी अधिसूचना में जिन बीमारियों और उपचार प्रक्रियाओं को शामिल किया गया था, उन्हीं के अनुसार OPD खर्च की प्रतिपूर्ति होगी। इसके साथ ही 7 सितंबर 2026 को जारी संशोधन में निर्धारित नियम भी लागू रहेंगे।
केवल किसी अस्पताल या AIIMS को सूचीबद्ध कर दिए जाने से हर बीमारी और हर प्रकार के उपचार का खर्च वापस मिलने का अधिकार नहीं मिल जाएगा। यदि कोई बीमारी या उपचार निर्धारित सूची में शामिल नहीं है, तो उसके लिए सिर्फ संबंधित संस्थान की मान्यता के आधार पर प्रतिपूर्ति का दावा नहीं किया जा सकेगा।
आने-जाने का खर्च नहीं मिलेगा
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन पांच AIIMS में इलाज कराने के लिए आने-जाने पर होने वाला खर्च स्वास्थ्य योजना के तहत वापस नहीं किया जाएगा। लाभार्थियों को यात्रा भत्ता या यात्रा खर्च की प्रतिपूर्ति नहीं मिलेगी।
नई व्यवस्था अधिसूचना जारी होने की तारीख से प्रभावी होगी। इलाज के खर्च की प्रतिपूर्ति से जुड़े जिन नियमों में बदलाव किया गया है, उन्हें छोड़कर स्वास्थ्य योजना की अन्य सभी शर्तें पहले की तरह लागू रहेंगी।
स्टेट गवर्नमेंट एम्प्लॉइज मूवमेंट एंड चीफ एडवाइजर नेशनलिस्ट पेंशनर्स एसोसिएशन के नेता मनोज चक्रवर्ती ने इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस सुविधा का दायरा बढ़ाकर इसे देश के दूसरे हिस्सों में स्थित AIIMS तक विस्तारित किया है।
चक्रवर्ती ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को देश में जहां-जहां AIIMS हैं, वहां इलाज की सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि पात्र चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति से लाभार्थियों को राहत मिलेगी।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल सरकार के इस फैसले से स्वास्थ्य योजना के पात्र लाभार्थियों को राज्य के बाहर भी बड़े चिकित्सा संस्थानों में इलाज कराने का विकल्प मिलेगा। हालांकि, खर्च की प्रतिपूर्ति बीमारी, उपचार की पात्रता और योजना की निर्धारित सीमाओं पर निर्भर करेगी।






























