करीब 48 लाख किसानों को मिलेंगे 2-2 हजार रुपये
कोलकाता : पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल की बैठक में औद्योगिक नीति समेत कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। राज्य में दिवाली से पहले नई औद्योगिक नीति की घोषणा की जाएगी। वहीं, करीब 48 लाख किसानों को 2-2 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का भी निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही ‘कृषक बंधु’ योजना का नाम बदलकर ‘मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि’ करने का फैसला किया गया है।
दिवाली से पहले घोषित होगी औद्योगिक नीति
सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल ने राज्य की औद्योगिक नीति को मंजूरी दे दी है। इसकी औपचारिक घोषणा दिवाली से पहले की जाएगी। इस नीति के जरिए राज्य में औद्योगिक गतिविधियों और निवेश से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाने की योजना है। हालांकि, नीति के विस्तृत प्रावधानों की जानकारी घोषणा के बाद सामने आएगी।
करीब 48 लाख किसानों को मिलेंगे 2-2 हजार रुपये
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, 5 नवंबर को हुगली जिले के पुरशुरा से किसानों को आर्थिक सहायता देने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके तहत करीब 48 लाख किसानों को 2,000 रुपये प्रति किसान दिए जाएंगे। यह राशि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के राज्य के हिस्से के रूप में दी जाएगी।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री मौजूद रहेंगे। वहीं, राज्य के अन्य जिलों से संबंधित लोग और प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल होंगे।
‘कृषक बंधु’ योजना का नाम बदला
मंत्रिमंडल ने राज्य की ‘कृषक बंधु’ योजना का नाम बदलकर ‘मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि’ करने का फैसला किया है। योजना के नाम में बदलाव के साथ किसानों को सहायता देने की व्यवस्था से जुड़े अन्य विवरणों पर आधिकारिक घोषणा के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
बजट खर्च करने वाले विभागों को मिलेगी अगली राशि
कैबिनेट की बैठक में सरकारी विभागों के बजट खर्च की समीक्षा से जुड़ा फैसला भी लिया गया। जिन विभागों ने अपने बजट आवंटन का 35 प्रतिशत खर्च कर लिया है, उन्हें अगली किस्त की राशि जारी करने की प्रक्रिया के लिए वित्त विभाग को निर्देश दिया गया है। इससे संबंधित विभागों को आगे के कामकाज के लिए धन आवंटन का रास्ता साफ हो सकता है।
काली पूजा के दौरान मंत्रियों को जिलों की जिम्मेदारी
राज्य सरकार ने काली पूजा के दौरान मंत्रियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपने का भी निर्णय लिया है। संबंधित मंत्री अपने-अपने आवंटित जिलों में व्यवस्थाओं और प्रशासनिक गतिविधियों पर नजर रखेंगे। हालांकि, किस मंत्री को किस जिले की जिम्मेदारी दी जाएगी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
11 से 18 नवंबर तक मनाया जाएगा जनजातीय गौरव दिवस
कैबिनेट के एक अन्य फैसले के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 11 से 18 नवंबर तक जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाएगा। इस अवधि में राज्य में जनजातीय समुदायों की संस्कृति, परंपराओं और योगदान को रेखांकित करने से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाने की उम्मीद है।































