- प्रशासनिक सेवाओं में चयनित 102 नवोदित आरएएस अधिकारियों का शनिवार को जयपुर स्थित विप्र फाउंडेशन के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस श्री परशुराम ज्ञानपीठ मानसरोवर में सम्मान किया गया
कोलकाता/जयपुर: विप्र फाउंडेशन जिसकी स्थापना कोलकाता से हुई थी आज न केवल पूरे देश बल्कि विश्व भर में अपनी सेवा का परचम फहरा रहा है। प्रशासनिक सेवाओं में चयनित 102 नवोदित आरएएस अधिकारियों का शनिवार को जयपुर स्थित विप्र फाउंडेशन के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस श्री परशुराम ज्ञानपीठ मानसरोवर में सम्मान किया गया। इस दौरान गुरु पूर्णिमा से प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी के लिए नया बैच शुरू करने की घोषणा भी की गई, जिससे ज्ञानपीठ में प्रशिक्षण पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या 125 से बढ़कर 250 हो जाएगी।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए पूर्व डीजीपी ओमेन्द्र भारद्वाज ने बताया कि नया बैच शुरू होने से दोगुने युवाओं को इसका लाभमिलेगा। ज्ञानपीठ के कार्यवाहक अध्यक्ष हरिप्रसाद शर्मा ने कहा कि यहां युवाओं को आधी फीस पर प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी करवाई जा रही है, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए निशुल्क शिक्षा को व्यवस्था भी है। उन्होंने कहा कि ज्ञानपीठ का उद्देश्य केवल अधिकारियों का निर्माण नहीं, बल्कि चरित्रवान, संवेदनशील और राष्ट्रनिष्ठ नेतृत्व तैयार करना है। समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ शिक्षाविद उपेन्द्र अनमोल ने युवाओं का आह्वान किया कि प्रशासनिक सेवाओं में आने वाले युवा ही विकसित भारत की आधारशिला हैं। अनुशासन, सतत परिश्रम, ईमानदारी और जनसेवा का भाव ही एक अधिकारी को उत्तम से सर्वोत्तम बनाता है।
सम्यक के कौशल भारद्वाज ने कहा कि श्री परशुराम ज्ञानपीठ आज युवाओं के सपनों को उड़ान देने वाला प्रेरणादायी मंच बनता जा रहा है। यहां न्यूनतम शुल्क पर संचालित कन्या छात्रावास में सौ से अधिक छात्राएं अध्ययन कर रही हैं। आधी फीस में कोचिंग करवाई जा रही है। यह समाजोत्थान की दिशा में अत्यंत वंदनीय पहल है।
10 शिक्षा और स्वावलंबन केंद्र खोलेंगे
मुख्य वक्ता विप्र फाउंडेशन के संस्थापक सुशील ओझा ने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं केवल प्रतिष्ठित कॅरियर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने बताया कि ज्ञानपीठ की सफलता से प्रेरित होकर विप्र फाउंडेशन देशभर में 10 शिक्षा, संस्कार और स्वावलंबन केंद्र विकसित कर रहा है। विप्र फाउंडेशन के क्षेत्रीय महामंत्री धीरज शर्मा ने सम्यक परिवार का अभिनंदन करते हुए कहा कि समाज को अभी और आगे बढ़ना है तथा शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी को नए क्षितिज तक पहुंचाना है। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन श्री परशुराम ज्ञानपीठ के सदस्य सचिव सतीश शर्मा ने किया।
ये मौजूद रहेः कार्यक्रम में आईपीएस प्रदीप मोहन शर्मा, पूर्व आईपीएस जगदीश प्रसाद शर्मा, आरएएस डॉ. जीएल शर्मा, पंकज ओझा, मनोज कुमार शर्मा, डॉ. विजय बासोतिया (अध्यक्ष, विप्र चैम्बर), एडवोकेट राजेश कर्नल (जोनल अध्यक्ष), भुवनेश शर्मा, सुरेंद्र चतुर्वेदी अजमेर, डॉ. अरविंद शर्मा अजमेर, परमेश्वर शर्मा सालासर, विनोद अमन जयपुर, नरेन्द्र हर्ष जयपुर, केके शर्मा उदयपुर, राधेश्याम सिखवाल उदयपुर, नवीन शर्मा विजयनगर, डॉ. हेमंत शर्मा गंगापुर, कृष्ण मुरारी चतुर्वेदी बूंदी, चिरंजीलाल दवे जालोर, प्यारेलाल शर्मा, मुकेश रामपुरा राजगढ़, अजय पारीक जयपुर, पुष्पेन्द्र शमां, मानप्रकाश मिश्रा सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, शिक्षाविद् एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।






























