सरकारी बैंक का सीनियर मैनेजर बनकर विधायकों को किए जा रहे फोन, ₹45 हजार वेतन वाली नौकरी का दिया जा रहा लालच
कोलकाता : पूर्वी बर्धमान में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को निशाना बनाने के लिए ठगी का एक नया तरीका सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोग बीजेपी विधायकों का नाम और उनकी राजनीतिक पहचान का इस्तेमाल कर बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा दे रहे हैं। इसके लिए विधायकों को फोन और WhatsApp संदेश भेजकर उनके विधानसभा क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं के बायोडाटा मांगे जा रहे हैं।
विधायकों को सरकारी बैंक के ‘सीनियर मैनेजर’ बनकर फोन
बीजेपी विधायकों का दावा है कि उन्हें फोन करने वाले खुद को एक सरकारी बैंक का ‘सीनियर मैनेजर’ बताते हैं। कॉल पर कहा जाता है कि विधायक के विधानसभा क्षेत्र में बेरोजगार युवाओं के लिए कुछ पद खाली हैं। योग्य उम्मीदवारों के बायोडाटा और निजी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा जाता है।
बताया जाता है कि चयनित उम्मीदवारों को करीब ₹45,000 मासिक वेतन वाली नौकरी दिलाई जाएगी। नौकरी का आकर्षक ऑफर देकर युवाओं का भरोसा जीतने की कोशिश की जा रही है।
WhatsApp पर भी भेजे जा रहे नौकरी के संदेश
आरोप है कि ठग केवल फोन कॉल तक सीमित नहीं हैं। WhatsApp के जरिए भी नौकरी से जुड़े संदेश भेजे जा रहे हैं और उम्मीदवारों से उनके रिज्यूमे मांगे जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, कुछ लोगों ने इन संदेशों पर भरोसा करते हुए दिए गए WhatsApp नंबरों पर अपने बायोडाटा भेज भी दिए हैं।
जमालपुर विधायक ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
मामले की गंभीरता को समझते हुए जमालपुर से बीजेपी विधायक अरुण हलदर ने पुलिस से संपर्क किया। विधायक के सहयोगी सौमेन घोष ने जमालपुर थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत के अनुसार, 3 सितंबर को विधायक अरुण हलदर को एक ही नंबर से दो बार फोन किया गया। पहली कॉल दोपहर 2:52 बजे और दूसरी करीब 3:45 बजे आई। कॉल करने वाले ने खुद को सरकारी बैंक का सीनियर मैनेजर बताया।
तीन नौकरी और ₹45 हजार वेतन का दावा
कॉल करने वाले ने विधायक से कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं के लिए तीन पद खाली हैं। इन पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों के बायोडाटा और कुछ निजी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया। साथ ही दावा किया गया कि चयनित उम्मीदवारों को ₹45,000 प्रति माह वेतन मिलेगा।
अरुण हलदर ने बताया कि उन्होंने पहली कॉल को नजरअंदाज कर दिया था। लेकिन दूसरी बार भी उसी तरह की पेशकश किए जाने पर उन्हें संदेह हुआ। उन्होंने कोई जानकारी साझा नहीं की और मामले की शिकायत पुलिस से कर दी।
विधायक के मुताबिक, उन्हें विधानसभा परिसर में अन्य विधायकों से भी ऐसी ही शिकायतों के बारे में जानकारी मिली है। उनका दावा है कि कुछ विधायकों को भी ‘सीनियर बैंक मैनेजर’ बनकर इसी तरह फोन किए गए हैं।
मेमारी और भातार के विधायकों को भी फोन
यह मामला केवल जमालपुर तक सीमित नहीं है। मेमारी के बीजेपी विधायक मानव गुहा और भातार के बीजेपी विधायक सौमेन करफ़ा को भी इसी तरह के फोन आने की बात सामने आई है। दोनों विधायकों ने मामले की जानकारी पुलिस को देने की बात कही है।
गोरखपुर से जुड़ा फोन नंबर, पुलिस जांच में जुटी
जमालपुर विधायक को जिस नंबर से फोन किया गया था, उसकी शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि कॉल उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से की गई थी। पुलिस अब इस नंबर और कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान की जांच कर रही है।
MLA के नाम और लेटरहेड का इस्तेमाल कर ठगी की आशंका
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, ठगों का संभावित मकसद विधायकों के नाम और पद का इस्तेमाल कर बेरोजगार युवाओं का भरोसा जीतना हो सकता है। विधायक की ओर से भेजा गया बायोडाटा या उनके लेटरहेड पर की गई सिफारिश युवाओं को आसानी से विश्वसनीय लग सकती है।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से बड़ी रकम की मांग या ठगी की जा सकती है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क के पीछे कौन लोग हैं।






























