‘ आधी रात में लोकतंत्र की हत्या, हम सिर नहीं झुकाएंगे ’
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के फैसले और तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न को फ्रीज करने को लेकर तीखा हमला बोला। कालीघाट में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी संवैधानिक संस्थाओं और संवैधानिक पदों का सम्मान करती है, लेकिन जिस तरह से कार्रवाई की गई है, वह उनके अनुसार असंवैधानिक और राजनीतिक रूप से प्रेरित है।
ममता बनर्जी ने कहा, “हम संवैधानिक पद का अपमान नहीं करते। लेकिन यह इतिहास का काला दिन है।” उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी कार्रवाई एक राजनीतिक दल के अहंकार को संतुष्ट करने और राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही है।
‘पहले ही कहा था कि नाम नहीं रहने दूंगा’
ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें पहले से ही इस तरह की कार्रवाई की आशंका थी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर ये लोग कौन हैं, जो इस तरह के फैसले ले रहे हैं। उन्होंने कहा, “आज सत्ता में हैं, कल सत्ता में नहीं रहेंगे।”
उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी कई गंभीर सवाल उठाए। ममता ने आरोप लगाया कि अलग-अलग राज्यों में चुनाव प्रक्रिया के दौरान अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने बिहार, छत्तीसगढ़ और हरियाणा का जिक्र करते हुए भाजपा पर निशाना साधा और उसे ‘झूठ और जुमले की राजनीति करने वाली पार्टी’ बताया।
‘92 लाख नाम हटाए गए, 27 लाख नामों पर फैसला’
मतदाता सूची को लेकर ममता बनर्जी ने दावा किया कि बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि करीब 92 लाख नाम हटाए गए, जबकि लगभग 27 लाख नामों को जांच या निर्णय की प्रक्रिया में रखा गया है।
उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि तकनीक के माध्यम से मतदाता सूची में कार्रवाई की जा रही है। ममता ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश हो रही है।
उद्धव ठाकरे और एनसीपी का जिक्र
ममता बनर्जी ने महाराष्ट्र की राजनीति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले दल के चुनाव चिह्न के साथ भी कार्रवाई की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले उद्धव ठाकरे की पार्टी को तोड़ा गया और फिर एनसीपी को विभाजित किया गया।
ममता ने कहा कि उनकी पार्टी को भी एक समय धमकी मिली थी कि वह इस राजनीतिक प्रक्रिया का समर्थन करे, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। उनके मुताबिक, इसके बाद से ही उनकी पार्टी के खिलाफ कार्रवाई की योजना बनाई जा रही थी।
‘हमने कभी नहीं सोचा था कि चुनाव चिह्न चला जाएगा’
तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न को लेकर ममता ने कहा कि पार्टी ने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा फैसला आएगा। उन्होंने सवाल किया कि जब नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी और चुनाव चिह्न भी जमा किया जा चुका था, तो इसके बाद इस तरह की कार्रवाई कैसे की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के सांसद, विधायक, पार्षद और लाखों कार्यकर्ता इस घटनाक्रम से प्रभावित हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि देश में बड़ी संख्या में ऐसी राजनीतिक पार्टियां हैं जिनसे जुड़े आर्थिक मामलों की जांच होनी चाहिए।
‘चार महीने में 64 से ज्यादा लोगों की हत्या’
राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर भी ममता बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पिछले चार महीनों में 64 से ज्यादा लोगों की हत्या हुई है और 44 से ज्यादा बच्चियों और महिलाओं के साथ बलात्कार तथा हत्या की घटनाएं हुई हैं।
ममता ने आरोप लगाया कि पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है और विपक्षी कार्यकर्ताओं से भाजपा में शामिल होने या मुकदमे का सामना करने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि करीब 14 हजार पार्टी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है या वे मामलों का सामना कर रहे हैं।
इन आरोपों को लेकर उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और इसे राजनीतिक दमन बताया।
‘क्या संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 नहीं हैं?’
ममता बनर्जी ने अपने खिलाफ कार्रवाई और राजनीतिक गतिविधियों पर कथित प्रतिबंधों का जिक्र करते हुए संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, “मैं चार-पांच बार केंद्रीय मंत्री रही हूं। आज मुझे अपनी स्वतंत्रता नहीं मिल रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें लगभग नजरबंदी जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने सवाल किया कि उनके साथ ऐसा क्यों किया जा रहा है और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा कौन करेगा।
‘हमारे पास सारे दस्तावेज हैं’
नेताजी इंडोर स्टेडियम से जुड़े एक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए ममता ने कहा कि उनकी पार्टी के पास इससे संबंधित सभी दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि फैसले के बाद कुछ लोगों ने मिठाइयां बांटीं और अब वही लोग उनकी पार्टी को आगे की रणनीति बताने की कोशिश कर रहे हैं।
ममता ने कहा कि उनकी पार्टी पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाएगी और “हम इसका पता लगाएंगे।”
‘तृणमूल को खून और संघर्ष से बनाया है’
ममता बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस उनके लंबे राजनीतिक संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने याद दिलाया कि पार्टी को बने करीब 29 साल हो चुके हैं और वह इसकी संस्थापक हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी का चुनाव चिह्न केवल कोई निशान नहीं है, बल्कि इसके पीछे कार्यकर्ताओं का संघर्ष और बलिदान जुड़ा है। उन्होंने कहा, “जोड़ा फूल खून और संघर्ष से बना है।”
उन्होंने पार्टी के भीतर के कुछ नेताओं पर भाजपा के साथ मिलकर तृणमूल को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। ममता ने कहा कि जिन लोगों ने भाजपा की जीत में मदद की, उन्होंने साबित कर दिया कि वे तृणमूल कांग्रेस के साथ नहीं हैं।
‘हमारे कार्यकर्ता रो रहे थे और वे नाच रहे थे’
ममता ने कहा कि चुनाव चिह्न से जुड़े घटनाक्रम के बाद उनके कार्यकर्ता भावुक हैं। उन्होंने कहा, “हमारे कार्यकर्ता रो रहे थे और वे नाच रहे थे। यही अंतर है।”
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ महीने पहले जिस चुनाव चिह्न के आधार पर उनकी पार्टी के उम्मीदवार चुनाव जीते थे, वही चिह्न अब विवाद के घेरे में है।
राहुल गांधी से बातचीत
ममता बनर्जी ने बताया कि उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से बातचीत की है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल और अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर वे इस लड़ाई को आगे बढ़ाएंगी।
उन्होंने कहा कि तृणमूल अपने स्वाभाविक गठबंधन का समर्थन कर सकती है, लेकिन किसी ऐसी पार्टी का समर्थन नहीं करेगी जिसे वह राजनीतिक रूप से गलत मानती है।
नंदीग्राम में कांग्रेस को समर्थन का ऐलान
ममता बनर्जी ने नंदीग्राम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित को मजबूत करने के लिए उनकी पार्टी वहां कांग्रेस को समर्थन देगी। वहीं रेजीनगर को लेकर उन्होंने कहा कि इस पर बाद में फैसला लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को निराश होने की जरूरत नहीं है और तृणमूल कांग्रेस अपना संघर्ष जारी रखेगी।
‘भाजपा को भारत से जाना होगा’
ममता बनर्जी ने भाजपा पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि भाजपा को देश की राजनीति से बाहर जाना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है और राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी भाजपा शासित राज्यों पर सवाल उठाए और कहा कि रंग या नाम बदलने से किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल की सोच नहीं बदलती।
‘हम कभी सिर नहीं झुकाएंगे’
ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी इस पूरे घटनाक्रम के सामने झुकने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव चिह्न या नाम को लेकर जो भी विवाद खड़ा किया गया है, उसके बावजूद तृणमूल कांग्रेस अपने राजनीतिक संघर्ष को जारी रखेगी।
ममता ने कहा, “आधी रात में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है, लेकिन हम कभी सिर नहीं झुकाएंगे।”
उन्होंने दावा किया कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियां हमेशा नहीं रहेंगी और आने वाले समय में राजनीतिक समीकरण बदलेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ मिलकर आगे की लड़ाई लड़ेगी।
































