दुर्गा विसर्जन से पहले बाबूघाट पहुंचे मुख्यमंत्री
कोलकाता : विजयादशमी के अवसर पर पश्चिम बंगाल में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की तैयारियां तेज हो गई हैं। बुधवार सुबह मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता के बाबूघाट सहित गंगा के प्रमुख विसर्जन घाटों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कोलकाता पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों से बातचीत कर तैयारियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि विसर्जन परंपरा और विरासत के अनुरूप होगा, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दशमी की सुबह से ही विभिन्न पूजा पंडालों में सिंदूर खेला का आयोजन हो रहा है। दोपहर के बाद कोलकाता के गंगा घाटों पर प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू होने की तैयारी है। घाटों पर श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस, नगर निगम और आपदा प्रबंधन की टीमें सतर्क हैं।
बाबूघाट, बाजे कदमतला और जजेस घाट का निरीक्षण
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने विसर्जन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बाबूघाट, बाजे कदमतला घाट और जजेस घाट का निरीक्षण किया। इस दौरान कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंदा, कोलकाता नगर निगम की प्रशासक स्मिता पांडे और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से सुरक्षा इंतजाम, भीड़ नियंत्रण और घाटों पर उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित रहे और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाएं।
चोरबागान हादसे के बाद सुरक्षा पर विशेष जोर
कोलकाता के चोरबागान इलाके में सप्तमी की शाम हुई भगदड़ और दम घुटने की घटना में 19 लोगों की मौत के बाद प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। इस घटना के मद्देनजर विसर्जन के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विजयादशमी पर गंगा के घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में पुलिसकर्मियों की तैनाती, आपदा प्रबंधन दलों की सक्रियता और घाटों पर निगरानी बढ़ाई गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
NDRF तैनात, ड्रोन से भी होगी निगरानी
मुख्यमंत्री ने बताया कि विसर्जन के दौरान सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और आपदा प्रबंधन टीमों को भी सुरक्षा व्यवस्था में शामिल किया गया है। इसके अलावा गंगा के घाटों और आसपास के क्षेत्रों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से कोलकाता के चार प्रमुख गंगा घाटों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। विसर्जन के दौरान DJ बजाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि भीड़ के बीच अव्यवस्था पैदा न हो और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
गंगा प्रदूषण रोकने के लिए भी विशेष इंतजाम
विसर्जन के दौरान सुरक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया जा रहा है। राज्य सरकार और कोलकाता नगर निगम की ओर से गंगा में प्रदूषण कम करने तथा विसर्जन के बाद घाटों की सफाई के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विसर्जन समाप्त होने के बाद घाटों की सफाई का काम भी किया जाएगा। उन्होंने प्रतिमा के ढांचे को हटाने के संबंध में धार्मिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इस काम में केवल सनातनी समुदाय के लोग ही हाथ लगाएंगे।
परंपरा के साथ सुरक्षा और स्वच्छता पर जोर
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि दुर्गा प्रतिमा विसर्जन परंपरा और विरासत के अनुसार संपन्न कराया जाएगा। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने, आपदा प्रबंधन दलों को सतर्क रखने और प्रदूषण नियंत्रण के लिए विशेष निगरानी की जा रही है।
प्रशासन की कोशिश है कि विजयादशमी और विसर्जन का पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ गंगा घाटों पर स्वच्छता बनाए रखना भी इस बार प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।































