कोलकाता मेट्रो विस्तार को मिली नई रफ्तार
कोलकाता: जोका-एस्प्लेनेड मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए टनल बोरिंग मशीन (TBM) ‘दुर्गा’ ने सफलतापूर्वक ब्रेकथ्रू पूरा कर लिया। यह उपलब्धि इंजीनियरिंग उत्कृष्टता, सटीक योजना और सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय का प्रतीक मानी जा रही है।मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, सुरंग निर्माण का कार्य सुरक्षा और गुणवत्ता के उच्चतम मानकों का पालन करते हुए पूरा किया गया। पूरे निर्माण कार्य के दौरान सतही यातायात पर न्यूनतम प्रभाव पड़ा, जिससे आम लोगों को किसी बड़ी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
कोलकाता की कनेक्टिविटी होगी और मजबूत
जोका-एस्प्लेनेड मेट्रो कॉरिडोर के पूरा होने के बाद दक्षिण कोलकाता और शहर के केंद्रीय व्यावसायिक क्षेत्र (CBD) के बीच संपर्क पहले से कहीं अधिक बेहतर हो जाएगा। इस कॉरिडोर के शुरू होने से यात्रियों को तेज, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी। साथ ही सड़कों पर ट्रैफिक जाम कम होगा और यात्रा का समय भी घटेगा।
50 दिनों में कई बड़ी उपलब्धियां

TBM ‘दुर्गा’ का सफल ब्रेकथ्रू पिछले 50 दिनों में कोलकाता मेट्रो द्वारा हासिल की गई कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों की श्रृंखला का हिस्सा है।इससे पहले, कवि सुभाष-एयरपोर्ट (ऑरेंज लाइन) कॉरिडोर पर चिंगड़ीघाटा में 62 मीटर लंबे वायाडक्ट गैप को सफलतापूर्वक जोड़ा गया था। इस कार्य से लंबे समय से निर्माण में आ रही बड़ी बाधा दूर हुई और परियोजना को तेज गति मिली।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की थी प्रगति की समीक्षा
हाल ही में कोलकाता दौरे के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मेट्रो विस्तार परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की थी। उन्होंने जय हिंद बिमानबंदर स्टेशन से नोआपाड़ा स्टेशन तक मेट्रो यात्रा कर यात्रियों से बातचीत की और उनकी राय जानी। इसके अलावा उन्होंने मेट्रो कर्मचारियों से भी मुलाकात की।रेल मंत्री ने चिंगड़ीघाटा परियोजना स्थल का निरीक्षण कर हाल ही में पूरा हुए वायाडक्ट निर्माण कार्य की सराहना की। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि अगले 4 से 5 वर्षों में कोलकाता मेट्रो में करीब 60 नई पीढ़ी की मेट्रो ट्रेनें शामिल की जाएंगी।उन्होंने यह भी बताया कि 2014 के बाद कोलकाता और आसपास 45 किलोमीटर नए मेट्रो नेटवर्क का निर्माण और संचालन शुरू किया गया है, जबकि 2014 से पहले यह आंकड़ा 28 किलोमीटर था।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
* TBM ‘दुर्गा’ ने विक्टोरिया मेट्रो स्टेशन पर सफलतापूर्वक ब्रेकथ्रू हासिल किया।
- इसके साथ ही खिदिरपुर-विक्टोरिया भूमिगत सुरंग का निर्माण कार्य पूरा हो गया। इस सुरंग की खुदाई 10 जुलाई 2025 को शुरू हुई थी।
- यह उपलब्धि उत्कृष्ट इंजीनियरिंग, सटीक योजना और सभी संबंधित पक्षों के बेहतरीन समन्वय का प्रतीक है।
सुरंग निर्माण कार्य सुरक्षा और गुणवत्ता के उच्च मानकों का पालन करते हुए पूरा किया गया तथा सतही यातायात पर न्यूनतम प्रभाव पड़ा। - जोका-एस्प्लेनेड मेट्रो कॉरिडोर दक्षिण कोलकाता को शहर के केंद्रीय व्यावसायिक क्षेत्र (CBD) से जोड़कर पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।
- इस कॉरिडोर के शुरू होने से यात्रियों को तेज, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलेगी, यात्रा का समय कम होगा और सड़कों पर यातायात जाम में भी कमी आएगी।































