बारुईपुर (दक्षिण 24 परगना) : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर स्थित न्यू इंडियन मैदान में आयोजित जनसभा से पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोला। ममता बनर्जी को दिल्ली जाने की सलाह देते हुए शुभेंदु ने कहा, ”आप दिल्ली जाइए, पश्चिम बंगाल में अब आपका कुछ होने वाला नहीं है।” इसके साथ ही उन्होंने अभिषेक बनर्जी को भी चुनाव लड़ने की चुनौती देते हुए हराने का दावा किया।
गौरतलब है कि दो दिन पहले भी शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की उम्र का हवाला देते हुए उन्हें राजनीति और चुनाव से दूरी बनाकर आराम करने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि करीब 75 वर्ष की उम्र में ममता बनर्जी को अब चुनाव नहीं लड़ना चाहिए।
‘हिम्मत है तो चुनाव लड़कर दिखाइए‘
बारुईपुर की जनसभा में मुख्यमंत्री ने आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि आने वाले नगर निगम चुनाव में भी भाजपा की जीत होगी और निकाय क्षेत्र भगवामय होंगे।
ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए शुभेंदु ने दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित INDIA गठबंधन की सभा का जिक्र किया। उन्होंने चुनौती भरे अंदाज में कहा, ”अगर दम है तो चुनाव लड़कर दिखाइए, फिर हराऊंगा। आप रामलीला मैदान जाइए, पश्चिम बंगाल में अब कुछ नहीं होगा।”
अभिषेक बनर्जी को भी दी चुनाव में हराने की चुनौती
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में अभिषेक बनर्जी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, ”अब सवाल है कि बड़ा चोर कब जेल जाएगा? हर चीज का एक समय होता है।”
इसके बाद अभिषेक का नाम लेकर उन्होंने कहा, ”अभिषेक, तुम चुनाव में खड़े तो होओ, हराऊंगा। तुम जितने वोटों से जीते हो, उससे एक वोट ज्यादा से हराऊंगा।”
शुभेंदु के इस बयान को आगामी चुनावों से पहले तृणमूल नेतृत्व को दी गई राजनीतिक चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है।
चुनाव बाद हिंसा और जमीन कब्जे को लेकर चेतावनी
सभा में मुख्यमंत्री ने चुनाव बाद हिंसा और जमीन पर अवैध कब्जे के मुद्दे भी उठाए। उन्होंने जहांगीर खान और शौकत मुल्ला समेत कुछ लोगों का नाम लेते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी।
वहीं, वामपंथी दलों और तृणमूल कार्यकर्ताओं पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, ”बारुईपुर में कॉकरोच और खटमलों का आतंक बढ़ गया है, इसलिए यहां सभा करना जरूरी था।” उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री ने काकद्वीप में भी जनसभा की थी।
अभिषेक ने लगाया था राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप
शुभेंदु अधिकारी के हमले से एक दिन पहले गुरुवार को अभिषेक बनर्जी ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया था।
उन्होंने कहा था, ”मेरे खिलाफ 30 केस किए हैं, 50 और कर लें। पिछले 6-7 वर्षों से ईडी और सीबीआई के जरिए कोशिश की जा रही है। उन्हें लगता है कि मुझे जेल में रखकर रोक लेंगे, लेकिन मुझे दबाया नहीं जा सकता।”
अभिषेक ने अपने निजी सहायक को भी झूठे मामलों में फंसाने का आरोप लगाया था। उनके मुताबिक, निजी सहायक को ढाई महीने से हिरासत में रखा गया है।
तृणमूल सांसद सौगत रॉय का पलटवार
शुभेंदु अधिकारी के बयान पर तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी दिल्ली जाएंगी या नहीं, इसका फैसला शुभेंदु अधिकारी नहीं करेंगे।
सौगत रॉय ने कहा, ”ममता बनर्जी लड़ाई में विश्वास करती हैं और वह अपनी लड़ाई लड़ रही हैं। शुभेंदु अधिकारी प्रतिशोध की राजनीति करते हैं, यह सभी जानते हैं। सत्ता में आने के बाद उन्होंने सैकड़ों तृणमूल कार्यकर्ताओं को जेल भेजा है। मुख्यमंत्री बनने के बाद लोगों की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय वह लोगों को जेल भेजने की बातें कर रहे हैं।”
इस तरह बारुईपुर की सभा के बाद भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की चुनौती और तृणमूल नेतृत्व के पलटवार के बीच अब सबकी नजर आगामी चुनावी मुकाबले पर है।






























