मुख्यमंत्री ने POCSO मामलों में जीरो टॉलरेंस की बात कही; कोयला-सुपारी तस्करी रोकने के निर्देश, कूचबिहार एयरपोर्ट, सड़क, सीमा सुरक्षा और मेडिकल कॉलेज के मुद्दों पर भी हुई चर्चा
कूचबिहार : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को कूचबिहार से अपने उत्तर बंगाल दौरे की शुरुआत की। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका कूचबिहार का पहला दौरा है। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक बैठक में कानून-व्यवस्था, महिला और बाल सुरक्षा, सीमा सुरक्षा, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं समेत कई मुद्दों की समीक्षा की।
महिला और बच्चों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने पुलिस को सख्त कार्रवाई का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं, बहनों और बच्चों के खिलाफ अपराध को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। POCSO यानी बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने वाले कानून से जुड़े मामलों में सरकार की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस को अपराधों पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए तीखी भाषा में कहा कि अगर कोई महिलाओं या बच्चों पर हाथ उठाता या उनके खिलाफ अपराध करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनका यह बयान कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
कूचबिहार में विकास कार्यों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कूचबिहार पहुंचने के बाद मदन मोहन मंदिर में पूजा-अर्चना की। उनके साथ उत्तर बंगाल विकास मंत्री निशीथ प्रमाणिक भी मौजूद थे। मंदिर से बाहर निकलने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि कूचबिहार में विकास के लिए कई योजनाएं तैयार हैं और पैसे की कमी नहीं होने दी जाएगी।
इसके बाद हुई प्रशासनिक बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार, सीमा सुरक्षा, दुर्गापूजा से पहले सड़कों की मरम्मत, नगरपालिका से जुड़े मुद्दों और कूचबिहार एयरपोर्ट को लेकर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ कूचबिहार के लोगों तक पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं होना चाहिए।
कूचबिहार एयरपोर्ट पर भी नजर
कूचबिहार एयरपोर्ट को लेकर भी मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण संकेत दिए। उन्होंने बताया कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू के 28 सितंबर को प्रस्तावित राज्य दौरे के दौरान एयरपोर्ट से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।
एयर कनेक्टिविटी को उत्तर बंगाल के विकास से जोड़ते हुए राज्य सरकार कूचबिहार में विमान सेवा और एयरपोर्ट से जुड़े बुनियादी ढांचे को लेकर आगे की संभावनाओं पर चर्चा कर रही है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय भी देश में क्षेत्रीय हवाई संपर्क और विमानन ढांचे के विस्तार पर लगातार काम कर रहा है।
मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं पर सवाल
मुख्यमंत्री ने कूचबिहार मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की आधारभूत सुविधाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि इतने समय बाद भी न्यूरोलॉजिस्ट और कार्डियोलॉजिस्ट जैसे विशेषज्ञों की कमी क्यों बनी हुई है।
उन्होंने मेडिकल कॉलेज के बुनियादी ढांचे को लेकर पिछली सरकारों के कार्यकाल पर सवाल उठाए और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की जरूरत पर जोर दिया।
कोयला और सुपारी तस्करी रोकने का निर्देश
कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस को तस्करी के खिलाफ और सक्रिय होने का निर्देश दिया। खास तौर पर असम से पश्चिम बंगाल में कथित तौर पर होने वाली कोयला और सुपारी की अवैध आवाजाही को रोकने के लिए कार्रवाई करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि सीमा के रास्ते अवैध गतिविधियों को बढ़ावा न मिले। उन्होंने सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से पैसे लेने वाले लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी और कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों को जेल भेजा जाएगा।
एक साल पुराने कूचबिहार दौरे की भी चर्चा
कूचबिहार दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने पिछले दौरे की घटना का भी जिक्र किया। करीब एक साल पहले विपक्ष के नेता के तौर पर कूचबिहार के पुलिस अधीक्षक से मिलने के दौरान खगराबाड़ी इलाके में उनके काफिले को लेकर विवाद हुआ था। उस समय उनके काफिले पर हमले और वाहनों को नुकसान पहुंचाए जाने की खबर सामने आई थी। मुख्यमंत्री ने इस पुराने घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि वह भगवान और लोगों पर विश्वास करते हैं।
अब उत्तर बंगाल पर फोकस
कूचबिहार दौरे में मुख्यमंत्री के संदेश का फोकस तीन प्रमुख क्षेत्रों पर रहा—कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचा और सरकारी योजनाओं का लाभ। महिला और बाल सुरक्षा से लेकर तस्करी पर कार्रवाई तक पुलिस को निर्देश दिए गए, जबकि सड़क, एयरपोर्ट और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा हुई।
उत्तर बंगाल दौरे के दौरान आने वाले दिनों में इन घोषणाओं और निर्देशों को जमीन पर लागू करने की दिशा में प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी।































