ANAROCK की रिपोर्ट में कहा गया है कि H1 2026 में कोलकाता में नई ग्रेड-A मॉल सप्लाई नहीं आई, लेकिन रिटेलर्स की मांग बनी रही। कोलकाता में ग्रेड-A मॉल स्पेस की कमी से रिटेलर्स के लिए चुनौती बढ़ गयी है। पेश है इसका शहर के रिटेल बाजार पर पड़ने वाले असर की जानकारी ।
कोलकाता, 27 जुलाई : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में प्रीमियम रिटेल स्पेस की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन H1 2026 (जनवरी-जून) के दौरान शहर में एक भी नया ग्रेड-A मॉल बाजार में नहीं आया। ANAROCK Retail की ताजा रिपोर्ट में यह बाक सामने आई है।
क्या रही स्थिति
रिपोर्ट के अनुसार, हैदराबाद, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, चेन्नई और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में रिटेल लीजिंग जारी रही, लेकिन नई ग्रेड-A मॉल सप्लाई लगभग शून्य रही। इससे शहर में उपलब्ध प्रीमियम रिटेल स्पेस पर दबाव बढ़ते जाने की संभावना है।
भारत के टॉप-7 शहरों की स्थिति
H1 2026 में भारत के टॉप-7 शहरों में 4.1 मिलियन वर्ग फुट ग्रेड-A मॉल स्पेस लीज पर लिया गया, जबकि नई सप्लाई केवल 0.9 मिलियन वर्ग फुट रही। यानी रिटेलर्स ने उपलब्ध नई सप्लाई से 4.5 गुना अधिक स्पेस लीज किया।
कोलकाता पर इसका क्या होगा असर
नई ग्रेड-A मॉल सप्लाई नहीं आने से कोलकाता में प्राइम लोकेशन पर दुकानों की उपलब्धता और घट सकती है।
किराए (Rental) में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के लिए उपयुक्त स्पेस हासिल करना चुनौतीपूर्ण बन सकता है।
नए मॉल प्रोजेक्ट्स की जरूरत पहले से ज्यादा महसूस होगी।
वैकेंसी 16 साल के सबसे निचले स्तर पर
रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर में ग्रेड-A मॉल की वैकेंसी घटकर 6.7% रह गई है, जो 2010 के बाद सबसे कम है। इधर, अच्छी गुणवत्ता वाले मॉल स्पेस की मांग लगातार मजबूत होती जा रही है।
डेवलपर्स के लिए बड़ा अवसर
कोलकाता सहित प्रमुख शहरों में यदि नए ग्रेड-A मॉल विकसित किए जाते हैं, तो उन्हें मजबूत रिटेल मांग का फायदा मिलेगा। हालांकि, जमीन की उपलब्धता, निवेश, सरकारी मंजूरियां और निर्माण में लगने वाला समय नई परियोजनाओं के लिए चुनौती बना हुआ है।































