कोलकाता : भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा कर दी है। पार्टी की इस नई व्यवस्था में पश्चिम बंगाल को भी प्रतिनिधित्व मिला है। नई टीम में बंगाल से मधुचंद्रा कर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, मनोज टिग्गा को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
बंगाल की राजनीति के लिहाज से इन नियुक्तियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बीजेपी लंबे समय से पश्चिम बंगाल में संगठन का विस्तार करने और राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों तथा सामाजिक समूहों को राष्ट्रीय संगठन में प्रतिनिधित्व देने की कोशिश करती रही है। नई टीम में बंगाल को मिली जगह इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा सकती है।
बंगाल से राष्ट्रीय संगठन तक का सफर
पश्चिम बंगाल बीजेपी के कई नेताओं ने पिछले वर्षों में राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। इनमें राहुल सिन्हा, मुकुल रॉय, दिलीप घोष और अनुपम हाजरा प्रमुख नाम रहे हैं।
राहुल सिन्हा को 2015 में बीजेपी का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया था। 2020 में संगठनात्मक बदलाव के दौरान उनकी जगह अनुपम हाजरा को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया, जबकि मुकुल रॉय को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली थी।
बाद में बंगाल बीजेपी के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया। यह नियुक्ति उस समय खास तौर पर महत्वपूर्ण थी, क्योंकि घोष के नेतृत्व में बंगाल में बीजेपी का संगठन तेजी से मजबूत हुआ था।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी बंगाल की मौजूदगी
राष्ट्रीय पदाधिकारियों के अलावा राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी बंगाल के नेताओं को समय-समय पर स्थान मिलता रहा है। 2021 के आसपास बंगाल से दिलीप घोष, मुकुल रॉय, राहुल सिन्हा, तथागत रॉय, अनुपम हाजरा और स्वपन दासगुप्ता जैसे नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण स्थान मिला था।
हालांकि, इनमें से कई नेताओं की राजनीतिक भूमिका बाद के वर्षों में बदल गई। खासकर मुकुल रॉय का बीजेपी से जुड़ाव और उसके बाद तृणमूल कांग्रेस में वापसी बंगाल की राजनीति की बड़ी घटनाओं में शामिल रहा।
नई टीम में क्या संदेश?
नई राष्ट्रीय टीम में मधुचंद्रा कर और मनोज टिग्गा को जिम्मेदारी मिलने को बंगाल के लिए एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक संकेत के रूप में देखा जा सकता है। खासकर मनोज टिग्गा उत्तर बंगाल की राजनीति में बीजेपी के प्रमुख चेहरों में रहे हैं। बीजेपी की बंगाल इकाई की मौजूदा सूची में भी उनका नाम प्रमुख नेताओं और सांसदों में शामिल है। ([BJP Bengal][5])
नई टीम में कुल 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 8 राष्ट्रीय महासचिव और 16 राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा संगठन से जुड़े कई अन्य पदों पर भी नियुक्तियां की गई हैं।
पुराने अनुभव और नए चेहरों का संतुलन
बीजेपी की नई टीम को केवल पदों का फेरबदल नहीं, बल्कि संगठन को अगले चरण के लिए तैयार करने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। पार्टी ने एक ओर वसुंधरा राजे, राम माधव और बैजयंत पांडा जैसे अनुभवी नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं, तो दूसरी ओर राज्यों से नए चेहरों को भी राष्ट्रीय संगठन में जगह दी है।
बंगाल के संदर्भ में भी यही संदेश दिखाई देता है। एक समय राष्ट्रीय संगठन में बंगाल की पहचान दिलीप घोष, राहुल सिन्हा और मुकुल रॉय जैसे नेताओं से होती थी। अब पार्टी ने नई पीढ़ी और जमीनी संगठन से जुड़े नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने का संकेत दिया है।
मधुचंद्रा कर और मनोज टिग्गा की नियुक्ति इसलिए महत्वपूर्ण है कि इससे बंगाल बीजेपी को राष्ट्रीय संगठन में नई आवाज और नया प्रतिनिधित्व मिला है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी मिलने के बाद ये नेता बंगाल में पार्टी के संगठनात्मक विस्तार में किस तरह की भूमिका निभाते हैं।






























