कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस की शहीद दिवस रैली इस वर्ष भले ही फिकी रही, लेकिन जहांतक तृणमूल के दोनों गुटों के बीच शक्ति परीक्षण का मामला रहा इसमें ममता बनर्जी का पलड़ा भारी रहा। ममता की रैली में आए लोगों में जहां उत्साह रहा, वहीं ऋणब्रत गुट की रैली में लोगों के बीच वह नहीं था। ममता बनर्जी की रैली में जुटे लोगों का कहना था कि दीदी का कोई विकल्प नहीं है, वहीं ऋतब्रत गुट की रैली में जुटे लोगों ने ममता बनर्जी की कड़ी आलोचना से परहेज करते हुए कहा कि उन्हें अभिषेक बनर्जी को पार्टी से अलग कर देना चाहिए।
अलग ही रहा महानगर का नजारा
हर वर्ष तृणमूल कांग्रेस की रैली से परेशान रहने वाले शहरवासियों को इस वर्ष सड़क जाम होने से राहत मिली। एक दिन पहले ही जहां राज्य के विभिन्न भागों से लोग जहां आकर मैदान और फुटपाथ पर जम जाते थे, इस बार वह दृश्य देखने को नहीं मिला। हावड़ा और सियालदह स्टेशन, ब्रिगेड मैदान, धर्मतल्ला आदि जगहों पर सामान्य दिनों से कुछ अधिक भीड़ रही, लेकिन लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
सत्ता बदलने का असर
राज्य में सत्ता बदलने का असर यह रहा कि जहां हर वर्ष शहीद दिवस रैली में लाखों की संख्या में लोग जुड़ते थे, इसबार संख्या काफी सीमित रही। ममता बनर्जी ने तारामंडल के पास, तृणमूल कांग्रेस के ऋतब्रत गुट ने मेयो रोड और प्रदेश कांग्रेस ने शहीद मिनार के पास रैली का आयोजन किया था। इनमें ममता बनर्जी की रैली में सबसे अधिक भीड़ रही। रैली में शामिल कुछ लोग ऐसे भी थे, जो घूम-घूमकर देख रहे थे कि किसने कितनी भीड़ जुटाई है।
गुटबंदी से निराशा
रैली में कुछ ऐसे लोग भी मिले जिनका कहना था कि पार्टी के कालीघाट गुट और ऋतोब्रत गुट में बंट जाने से पार्टी का नुकसान हो रहा है और भाजपा इसका फायदा उठा रही है। ऋतब्रत गुट की रैली बैठी एक मुस्लिम महिला ने कहा कि वह चाहती है दीदी हमेशा जीतती रहीं। जब उनसे पूछा गया कि वह दीदी की रैली में क्यों नहीं गयीं, तो उसने जवाब दिया कि वह इधर, जा रही थी, इसलिए वह यहां बैठ गयी।
बोलने से परहेज
कई लोग ऐसे भी रहे जो बोलने से परहेज कर रहे थे। रैली में शामिल होने जरूर आए थे, लेकिन, उनका उत्साह फीका पड़ गया था।
क्यों नहीं जुटी भीड़
इस संबंध में दोनों गुटों के नेताओं का कहना था कि विभिन्न जगहों पर स्थानीय भाजपा नेताओं ने उनके समर्थकों को आने से रोका। समर्थकों को अनेक जगहों पर प्रताड़ित किया गया, जिससे वे रैली में नहीं आ पाए।






























