उत्तरी नेपाल के रसुवा जिले में चीन सीमा के पास भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ और लैंडस्लाइड से घर, बाजार, पुल और गाड़ियां बह गईं। पीएम बालेंद्र शाह ने सेना और NDRF को रेस्क्यू के लिए तैनात किया।
नेपाल, काठमांडू: उत्तरी नेपाल का रसुआ ज़िला हड़पा बाढ़ और फ्लैश फ्लड से तबाह हो गया है। चीन की सीमा से लगे इस ज़िले में बुधवार सुबह करीब 9 बजे अचानक यह आपदा आई, जिसने एक बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, तिब्बत से निकलकर नेपाल में प्रवेश करने वाली भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक खतरनाक रूप से बढ़ गया। तेज बहाव के साथ आया मिट्टी मिला पानी अपने साथ घर, दुकानें, बाजार और कई कारों को बहा ले गया। सबसे ज्यादा तबाही चीन सीमा से लगे तिमुरे और सियाब्रुबेसी इलाकों में हुई है।
काठमांडू से करीब 125 किमी दूर बसे रसुवा जिले में लगभग 50,000 लोग रहते हैं। यहां एक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को भी भारी नुकसान पहुंचा है, हालांकि नुकसान का सही आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है।
जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर जनहानि की आशंका जताई है। रसुवा के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट नागेंद्र परियार ने रॉयटर्स को बताया, “बहुत ज़्यादा प्रॉपर्टी डैमेज और भारी कैजुअल्टी का खतरा है। लेकिन मैं अभी पक्के तौर पर कुछ नहीं कह सकता।” नेपाल पुलिस ने खबर लिखे जाने तक कम से कम 8 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।
नदियों के किनारे अलर्ट जारी
भोटेकोशी नदी आगे जाकर त्रिशूली नदी में मिलती है। इस वजह से डिजास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट ने रसुवा के साथ-साथ नुवाकोट, धाडिंग, चितवन और गोरखा जिलों में नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए चेतावनी जारी की है। लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश दिया गया है।
हैरान करने वाली बात यह है कि रसुवा जिला प्रशासन के मुताबिक मंगलवार रात या बुधवार सुबह इलाके में बारिश नहीं हुई थी और सुबह धूप निकली हुई थी। आशंका जताई जा रही है कि नदी के ऊपरी बेसिन में तिब्बत की तरफ ग्लेशियर झील फटने से यह बाढ़ आई है।
PM ने की इमरजेंसी मीटिंग
घटना के तुरंत बाद नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई। उन्होंने प्रभावित इलाकों में सेना और पुलिस को तत्काल बचाव कार्य में लगाने का आदेश दिया है। साथ ही डॉक्टरों और एंबुलेंस की टीमों को मौके पर भेजा गया है और हेलीकॉप्टरों को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है।
नेपाली सेना ने अपने बयान में कहा है कि तिमुरे और सियाब्रुबेसी में बहुत ज्यादा तबाही हुई है। रसुवा कस्टम डिपार्टमेंट के अधिकारी राजेंद्र धुंगाना ने बताया कि ऑफिस परिसर में खड़ी कई कारें पानी में बह गईं और वहां बना एक पुल भी ढह गया है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में तबाही का मंजर साफ देखा जा सकता है, जहां तेज बहाव में घर ढहते और गाड़ियां बहती नजर आ रही हैं। फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।






























