गिरफ्तार महिला के पिता से पुराने परिचय की दी जानकारी
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के साथ मंगलवार रात कथित दुर्व्यवहार को लेकर विवाद बढ़ गया है। कोलकाता के पुलिस आयुक्त अजय नंद ने बुधवार को दावा किया कि ममता बनर्जी पर कोई हमला नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि मौके पर केवल कहासुनी हुई थी। पुलिस आयुक्त के मुताबिक, हमले के आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई तथ्य या जानकारी सामने नहीं आई है।
यह घटना मंगलवार रात कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के आवास के सामने एक दुर्गापूजा उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान हुई थी। तृणमूल कांग्रेस के ममता समर्थक गुट ने आरोप लगाया था कि सुहासिनी साहा नाम की एक महिला ने चाकू लेकर पूर्व मुख्यमंत्री पर हमला करने की कोशिश की। तृणमूल की ओर से यह भी दावा किया गया था कि आरोपी महिला सिविक वॉलंटियर है।
पुलिस आयुक्त बोले- एक साल से ड्यूटी पर नहीं थी महिला
पुलिस आयुक्त अजय नंद ने स्वीकार किया कि गिरफ्तार सुहासिनी साहा सिविक वॉलंटियर है। हालांकि, उन्होंने बताया कि वह पिछले एक साल से ड्यूटी पर अनुपस्थित थी। साथ ही पुलिस आयुक्त ने कहा कि जिस स्थान पर घटना हुई, वहां स्थित बलराम बसु घाट पर सुहासिनी पहले ड्यूटी कर चुकी थी।
अजय नंद ने गिरफ्तार महिला के परिवार के संबंध में भी जानकारी दी। उनके अनुसार, सुहासिनी के पिता का पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से पहले से परिचय था। पुलिस आयुक्त के इस बयान के बाद मामले में महिला की पृष्ठभूमि और घटना के वास्तविक स्वरूप को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
दोला सेन ने लगाया था चाकू लेकर पहुंचने का आरोप
इससे पहले तृणमूल कांग्रेस की सांसद दोला सेन ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि पूजा उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचने के दौरान एक महिला ने ममता बनर्जी को ‘पीसी’ कहकर पुकारा और उनकी ओर दौड़ पड़ी। दोला सेन के मुताबिक, महिला नशे की हालत में थी और उसने ममता बनर्जी पर झपटने की कोशिश की।
सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि इसके बाद महिला सड़क पर लेटकर गाली-गलौज करने लगी। दोला सेन के दावे के अनुसार, महिला के हाथ में चाकू भी था। उन्होंने इस मामले में कालीघाट थाने में पूर्व मुख्यमंत्री के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
घटना के बाद पुलिस ने मौके से ही सुहासिनी साहा को गिरफ्तार कर लिया था। तृणमूल कांग्रेस की ओर से इसे ममता बनर्जी की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया गया, जबकि पुलिस आयुक्त ने हमले के आरोपों को खारिज किया है।
गिरफ्तार महिला को अदालत से मिली सशर्त जमानत
मामले में बुधवार को एक और घटनाक्रम सामने आया। अलीपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने गिरफ्तार सुहासिनी साहा को शर्तों के साथ जमानत दे दी। पुलिस की ओर से अदालत में जमानत का विरोध नहीं किया गया।
फिलहाल इस मामले में तृणमूल कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों और पुलिस आयुक्त के बयान के बीच स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है। एक तरफ सांसद दोला सेन ने चाकू लेकर हमला करने की कोशिश का आरोप लगाया है, तो दूसरी तरफ पुलिस आयुक्त ने इसे केवल कहासुनी बताया है।































