226 नई फायर टेंडर और आधुनिक उपकरण शामिल
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बुधवार, 23 सितंबर 2026 को रेड रोड पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 226 नई अग्निशमन गाड़ियों और उपकरणों को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम में अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग के राज्य मंत्री, पश्चिम बंगाल अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा के महानिदेशक, विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
226 वाहनों में क्या-क्या शामिल?
नए बेड़े में कुल 226 वाहन शामिल हैं। इनमें 198 मिड-साइज वाटर टेंडर, प्रत्येक की क्षमता 2.5 किलोलीटर है। इसके अलावा 6 किलोलीटर क्षमता वाले 25 वाटर टेंडर और 36 मीटर ऊंचाई तक पहुंचने वाले 3 आर्टिकुलेटिंग वाटर टावर शामिल हैं। इन वाहनों की कुल लागत करीब 94 करोड़ रुपये बताई गई है।
इन आधुनिक अग्निशमन वाहनों को राज्य के अलग-अलग फायर स्टेशनों पर तैनात किया जाएगा। खासतौर पर घनी आबादी वाले इलाकों, बाजारों, औद्योगिक क्षेत्रों और महत्वपूर्ण शहरी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में इनकी तैनाती पर जोर दिया जाएगा।
रोबोट और ड्रोन से होगी फायर सर्विस आधुनिक
नई गाड़ियों की तैनाती के साथ पश्चिम बंगाल अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा को तकनीक के जरिए मजबूत करने की योजना भी आगे बढ़ाई जा रही है। इसमें अग्निशमन रोबोट, ड्रोन, हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और आधुनिक संचार प्रणाली जैसी तकनीकों को शामिल किया जा रहा है।
सरकार की ओर से आने वाले समय में कई अन्य आधुनिक अग्निशमन और आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहनों एवं उपकरणों की खरीद की भी योजना है।
23 नए फायर स्टेशन निर्माणाधीन
राज्य में अग्निशमन बुनियादी ढांचे के विस्तार पर भी काम चल रहा है। जानकारी के मुताबिक, 23 नए अग्निशमन केंद्र निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा राज्य के बजट में 10 और नए अग्निशमन केंद्रों की परियोजनाओं की घोषणा की गई है।
मानव संसाधन को मजबूत करने के लिए करीब 1,400 कर्मचारियों की भर्ती का प्रस्ताव है। इनमें फायर ऑपरेटर, फायर इंजन ऑपरेटर-कम-ड्राइवर और सब-ऑफिसर जैसे पद शामिल हैं। इसके साथ ही 2,500 अतिरिक्त पदों के सृजन का भी प्रस्ताव रखा गया है।
फायर कर्मियों के कल्याण पर भी जोर
सरकार ने अग्निशमन सेवा के कर्मचारियों के कल्याण के लिए भी कई कदमों की जानकारी दी है। स्थायी फ्रंटलाइन कर्मचारियों के लिए सालाना 26 दिनों के वेतन के बराबर भत्ते और संविदा पर कार्यरत सहायक फायर ऑपरेटरों के लिए 2,000 रुपये अतिरिक्त मासिक भत्ते की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है।
कोलकाता में अग्निशमन कर्मियों के लिए आधुनिक बैरक और आवास सुविधाएं विकसित करने की भी घोषणा की गई है।
फायर सेफ्टी और जागरूकता पर भी फोकस
सरकार का जोर केवल आग लगने के बाद राहत और बचाव तक सीमित नहीं रहेगा। नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट, निरीक्षण, मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण के जरिए आग की घटनाओं को रोकने और लोगों में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
नई गाड़ियों, आधुनिक तकनीक, नए फायर स्टेशनों और अतिरिक्त कर्मचारियों के जरिए लक्ष्य एक ऐसी अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा तैयार करना है, जो दुर्घटना या आग की स्थिति में तेजी से मौके पर पहुंच सके, लोगों की जान बचा सके और संपत्ति के नुकसान को कम कर सके।
































