कोलकाता : प्रसिद्ध बाउल कलाकार पूर्ण दास बाउल अपनी जमीन पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत लेकर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के जनता दरबार पहुंचे। बुधवार को उन्होंने अपने बेटे दिब्येंदु के साथ सॉल्ट लेक में मुख्यमंत्री से मुलाकात की और अपनी करीब चार बीघा जमीन वापस दिलाने की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद पूर्ण दास ने भरोसा जताया कि अब उनकी शिकायत पर कार्रवाई होगी।
बीरभूम में चार बीघा जमीन पर कब्जे का आरोप
पूर्ण दास बाउल और उनके बेटे दिब्येंदु के मुताबिक, बीरभूम के इलामबाजार थाना क्षेत्र के कमरपारा मौजा में सड़क किनारे उनकी करीब चार बीघा जमीन है। पूर्ण दास का दावा है कि उन्होंने यह जमीन 1970 के दशक में खरीदी थी। उनके अनुसार, वर्ष 2006 से ही इस जमीन पर कब्जे की कोशिश शुरू हुई और बाद में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया।
पिता-पुत्र का कहना है कि जमीन को लेकर उन्होंने कई बार प्रशासन से शिकायत की। जिला मजिस्ट्रेट और भूमि एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों से भी संपर्क किया गया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
‘कई बार शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई’
पूर्ण दास के परिवार का आरोप है कि पिछली सरकार के कार्यकाल में भी उन्होंने जमीन वापस पाने के लिए कई बार प्रशासन का दरवाजा खटखटाया था। उन्हें कार्रवाई का भरोसा तो दिया गया, लेकिन जमीन वापस नहीं मिल सकी।
परिवार के मुताबिक, अक्टूबर 2021 में पूर्ण दास खुद इलामबाजार गए थे और वहां जमीन पर कथित कब्जे का मुद्दा उठाया था। इसके बावजूद उनकी शिकायत का समाधान नहीं हुआ।
‘अनुब्रत और चंद्रनाथ के समर्थन के बिना यह संभव नहीं था’
दिब्येंदु ने इस मामले में बीरभूम के तत्कालीन प्रभावशाली तृणमूल नेताओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अनुब्रत मंडल और चंद्रनाथ सिन्हा जैसे नेताओं के समर्थन के बिना कथित कब्जेदार इस तरह की कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं कर सकता था।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री ने डीएम से फोन पर की बात
बुधवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान पूर्ण दास और उनके बेटे ने जमीन पर बाउल संस्कृति को बढ़ावा देने और बाउल समुदाय के बच्चों की शिक्षा के लिए काम करने की इच्छा भी जाहिर की। मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनी और मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया।
बताया गया कि मुख्यमंत्री ने मुलाकात के दौरान ही बीरभूम के जिला मजिस्ट्रेट से फोन पर बात की और मामले को देखने का निर्देश दिया।
‘इस बार काम जरूर होगा’
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद पूर्ण दास बाउल ने संतोष जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री की ओर से भरोसा मिला है और अब उन्हें उम्मीद है कि उनकी जमीन का मामला सुलझ जाएगा।
पूर्ण दास ने कहा, “पूरे राज्य में ‘जंगल राज’ खत्म हो गया है। मुझे मुख्यमंत्री से भरोसा मिला है। इस बार काम जरूर होगा। मैं उम्मीद से भरा हूं।”
उनके बेटे दिब्येंदु ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात और मिले आश्वासन पर खुशी जताई। पिता-पुत्र को उम्मीद है कि प्रशासन अब जमीन से जुड़े विवाद पर जल्द कार्रवाई करेगा।






























