कोलकाता : कोलकाता के सीनियर टैक्सपेयर्स के लिए राहत की खबर है। विधानसभा चुनाव के दौरान लंबित हुई प्रॉपर्टी टैक्स में विशेष छूट देने की प्रक्रिया अब फिर शुरू हो गई है। कोलकाता नगर निगम ने सितंबर के पहले सप्ताह से इस सुविधा से जुड़े पुराने आवेदनों की समीक्षा और मंजूरी का काम शुरू कर दिया है। इससे उन वरिष्ठ नागरिकों को राहत मिलेगी, जिनके आवेदन पिछले कई महीनों से लंबित थे।
नगर निगम के सूत्रों के मुताबिक, इस साल वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही सीनियर टैक्सपेयर्स को मिलने वाली विशेष छूट को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। विधानसभा चुनाव के दौरान लागू आचार संहिता के कारण नगर निगम स्तर पर प्रशासनिक मंजूरी देने को लेकर अधिकारियों के बीच मतभेद था। इसी वजह से मार्च के अंत से जमा किए गए 300 से अधिक आवेदन लंबित हो गए थे।
60 साल से अधिक उम्र वालों को 10% छूट
नगर निगम के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के टैक्सपेयर्स को प्रॉपर्टी टैक्स पर 10 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाती है। वहीं, रिटायर्ड सेना कर्मियों के लिए यह छूट 25 प्रतिशत तक है। हालांकि, इस सुविधा का लाभ लेने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना और जरूरी दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है।
एक बार आवेदन मंजूर होने के बाद यह विशेष छूट लगातार तीन साल तक लागू रहती है। तीन साल की अवधि पूरी होने के बाद टैक्सपेयर्स को छूट जारी रखने के लिए दोबारा आवेदन करना पड़ता है।
नए और रिन्यूअल आवेदन दोनों होंगे प्रोसेस
नगर निगम के टैक्स विभाग में अब नए आवेदनों के साथ-साथ पुराने लाभ की अवधि खत्म होने के बाद रिन्यूअल के लिए किए गए आवेदन भी चरणबद्ध तरीके से निपटाए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, आवेदन की मंजूरी से पहले टैक्सपेयर्स की उम्र, पहचान, प्रॉपर्टी टैक्स अकाउंट और जरूरी दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
इसके अलावा, समय पर प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने वाले टैक्सपेयर्स को सामान्य छूट का लाभ भी मिल सकता है। ऑनलाइन टैक्स भुगतान पर अतिरिक्त छूट का प्रावधान भी है।
प्रशासनिक मंजूरी के बाद प्रक्रिया में तेजी
चुनाव के बाद नगर निगम के निर्वाचित बोर्ड में बदलाव और प्रशासनिक व्यवस्था लागू होने के कारण भी इस मामले में अंतिम निर्णय में देरी हुई। मामले पर टैक्स विभाग के अधिकारियों ने नगर निगम की एडमिनिस्ट्रेटर स्मिता पांडे के साथ चर्चा की। मंजूरी मिलने के बाद सितंबर की शुरुआत से लंबित आवेदनों की प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई।
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, यह कोई अस्थायी राहत नहीं बल्कि निर्धारित कानूनी प्रावधान के तहत मिलने वाली नियमित सुविधा है। इसलिए पुराने आवेदनों के बैकलॉग को खत्म करने के साथ नए आवेदनों की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। टैक्सपेयर्स को सलाह दी गई है कि वे आवेदन के समय सभी जरूरी दस्तावेज और सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि सत्यापन के बाद छूट मंजूर करने में परेशानी न हो।































