फायर सेफ्टी और ट्रेड लाइसेंस में मिलीं गंभीर खामियां, 11 होटल पहले ही बंद
कोलकाता : पूजा और त्योहारों के मौसम से पहले कोलकाता नगर निगम (KMC) ने शहर के होटल और गेस्ट हाउसों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। न्यू मार्केट इलाके में हाल ही में हुई आग की घटना के बाद नगर निगम ने पूरे शहर में गेस्ट हाउसों के ट्रेड लाइसेंस, फायर सेफ्टी और अन्य जरूरी नियमों के पालन की जांच शुरू की।
सोमवार तक किए गए सर्वे में 960 गेस्ट हाउसों की जांच की गई, जिनमें से 919 को बंद करने का नोटिस जारी किया गया है। इतनी बड़ी संख्या में नोटिस जारी होने के बाद होटल और गेस्ट हाउस संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, पूजा के दौरान कोलकाता आने वाले पर्यटकों और दूसरे शहरों से आने वाले लोगों के लिए भी यह कार्रवाई चिंता का विषय बन गई है।
ज्यादातर गेस्ट हाउस में फायर सेफ्टी को लेकर लापरवाही
KMC की एडमिनिस्ट्रेटर स्मिता पांडे के मुताबिक, सर्वे के दौरान जिन 919 गेस्ट हाउसों को नोटिस दिया गया, उनमें बड़ी संख्या में फायर सेफ्टी से जुड़ी गंभीर कमियां सामने आईं। कई जगह सुरक्षा व्यवस्था मानकों के अनुरूप नहीं मिली।
इसके अलावा कुछ होटल और गेस्ट हाउस वैध ट्रेड लाइसेंस या जरूरी मंजूरियों के बिना संचालित होते पाए गए। नगर निगम का कहना है कि आग जैसी किसी भी आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा को देखते हुए इन प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी थी।
शर्तें पूरी करने पर दोबारा खोलने की अनुमति
हालांकि, पूजा और त्योहारों के दौरान होटल कारोबार पर पड़ने वाले असर को देखते हुए KMC ने संचालकों को कुछ राहत भी दी है। अधिकारियों के मुताबिक, जरूरी दस्तावेज जमा करने और सभी सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद प्रतिष्ठानों को दोबारा खोलने की अनुमति दी जा सकती है।
होटल प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना होगा कि फायर सेफ्टी सिस्टम पूरी तरह आधुनिक, चालू और किसी भी तरह की खराबी से मुक्त हो। साथ ही, जरूरी दस्तावेज और इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित जानकारी नगर निगम के पास जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
न्यू मार्केट की घटना के बाद 11 होटल बंद
न्यू मार्केट इलाके में आग की घटना के बाद कई होटल और गेस्ट हाउसों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। अधिकारियों के मुताबिक, जिन प्रतिष्ठानों के जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए, उनमें से 11 होटलों को बंद कर दिया गया है।
इन प्रतिष्ठानों के बाहर बंद करने और परिसर को सील किए जाने से संबंधित नोटिस चस्पा किए गए हैं। अधिकारियों ने संचालकों को परिसर खाली कराने और वहां ठहरे मेहमानों को हटाने के लिए समय-सीमा भी दी थी।
फूड सेफ्टी अभियान के बीच शहर में बढ़ी सख्ती
एक ओर राज्य में फूड सेफ्टी विभाग होटल, रेस्तरां और दुकानों में खाद्य सुरक्षा नियमों की जांच कर रहा है, वहीं दूसरी ओर KMC की कार्रवाई से शहर के होटल और रेस्तरां कारोबारियों के बीच भी चिंता बढ़ गई है।
राज्यभर में होटल, रेस्तरां और दुकानों समेत 5,439 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 4,722 प्रतिष्ठानों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
2,758 खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए
फूड सेफ्टी अधिकारियों ने मिलावट और स्वास्थ्य नियमों के उल्लंघन की आशंका में 2,758 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए और उन्हें लैब जांच के लिए भेजा।
जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 98 प्रतिष्ठानों के उत्पादों की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई है। अधिकारियों ने नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए इन प्रतिष्ठानों पर सख्ती बढ़ा दी है।
35 लाइसेंस रद्द या निलंबित, 80 प्रतिष्ठान सील
गंभीर लापरवाही और नियमों के उल्लंघन के मामले में 35 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन निलंबित अथवा रद्द किए गए हैं।
इसके अलावा, नियमों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर 80 दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को मौके पर ही बंद कर सील कर दिया गया। वहीं, कानून का उल्लंघन करने वाले 29 प्रतिष्ठानों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
पूजा से पहले KMC और फूड सेफ्टी विभाग की इस संयुक्त सख्ती ने शहर के होटल, गेस्ट हाउस, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों को स्पष्ट संदेश दिया है कि सुरक्षा और लाइसेंस से जुड़े नियमों की अनदेखी अब भारी पड़ सकती है।






























