कोलकाता: जीवन में किसी को आधी रोटी दो तो सम्मान के साथ देना चाहिए। कुछ लोग तो भगवान को भोग लगाते समय पर ऐसा तुलसीपत्ता ऐसा फेंकते हैं ,देखने पर अजीब लगता है। देना हो तो श्रीकृष्ण से सीखो। श्रीकृष्ण ने अपने परम मित्र सुदामा को बिना मांगे सब कुछ दे दिया।सुदामा को कृष्ण के अलावा कुछ नहीं चाहिए था। सुदामा केवल कृष्ण-कृष्ण का जाप करते रहे और कृष्णमय हो गए। कृष्ण कृपा से श्रीमद्भागवत कथा आयोजित करने और सुनने का सौभाग्य मिलता है। ये बातें राजस्थान गौ कल्याण ट्रस्ट के तत्वावधान में श्रीमद्भागवत कथा पर प्रवचन करते परम पूज्य आचार्य श्रीकांत शर्मा’बालव्यास’ ने हुए गणपति राजेश सभागार में कहीं।
आचार्य शर्मा ने कहा कि 16साल पहले एक बछड़े से सुरभि गौशाला की शुरूआत हुई थी ।आज 1600से अधिक गौ माता की सेवा हो रही हैं।
इस मौके पर विधायक विजय ओझा ने कहा कि भगवान की कृपा से पश्चिम बंगाल में सनातनी मतलब आपकी सरकार है। आपकी सरकार कहती है गौशाला खोलो और गाय माता की रक्षा-सेवा कीजिए। गुरुजी की सुरभि गौशाला के विकास में खूब सहयोग कीजिए ।स्वागत समिति के सदस्य राहुल दीवान ने जानकारी दी कि यह श्रीमद्भागवत कथा सुरभि सदन गौशाला के निर्माण, विकास और संचालन हेतु आयोजित की गई है।
कथा को सफल बनाने में ट्रस्टीगण मुरारीलाल दीवान, बालकिसन बालासरिया,बनवारीलाल सोती,सत्यनारायण देवरालिया, बृजमोहन गाड़ोदिया,विश्वनाथ सेकसरिया, प्रेमचंद ढांढनिया,राजेश मित्तल,कृष्ण कुमार छापड़िया,राजेन्द्र प्रसाद बुबना,बालकिसन नेवटिया, अरुण केडिया व सदस्यगण राम स्वरूप गोयनका,विनय मुस्करा,अजय पोद्दार (सोनू),प्रकाश केडिया,सिद्धार्थ दीवान,राजीव छापडड़िया सहित अन्य सदस्य सक्रिय रहे।कार्यक्रम संचालन संजय मस्करा ने किया।































