पिछली सरकार की वेटिंग लिस्ट खत्म कर अगस्त से ₹1,000 की जगह ₹1,500 किया गया भत्ता
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पिछली सरकार पर वित्तीय अनुशासन की अनदेखी और सरकारी राजस्व के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई थी। नबान्न में सामाजिक सुरक्षा भत्ते के वितरण को लेकर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार के कार्यकाल की ‘वेटिंग लिस्ट’ को समाप्त करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, अगस्त से सामाजिक सुरक्षा भत्ते की राशि ₹1,000 से बढ़ाकर ₹1,500 कर दी गई है। सोमवार को बढ़ी हुई राशि राज्य के 82,05,919 लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की गई। सरकार के अनुसार, इस बढ़ोतरी से राज्य के खजाने पर हर साल करीब ₹14,771 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
केंद्र से मिल रही ग्रांट का दावा
मुख्यमंत्री ने राज्य की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए प्रशासनिक सख्ती के साथ केंद्र सरकार की योजनाओं में राज्य की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने दावा किया कि केंद्र की विभिन्न योजनाओं में शामिल होने के बाद राज्य को केंद्र से मिलने वाली ग्रांट का रास्ता फिर से खुला है।
टैक्स चोरी पर कार्रवाई से राजस्व बढ़ने का दावा
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि टैक्स चोरी पर लगाम लगाने के कारण राज्य के राजस्व में करीब 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार आर्थिक संसाधनों को मजबूत करने और सरकारी योजनाओं में होने वाली अनियमितताओं को रोकने पर लगातार काम कर रही है।
फर्जी लाभार्थियों को हटाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने सरकारी योजनाओं से फर्जी लाभार्थियों को हटाने को भी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि इससे सरकारी धन की बचत होगी और वास्तविक जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना आसान होगा।
इस दौरान उन्होंने पश्चिम मेदिनीपुर के चंद्रकोना में एक ऐसे मामले का जिक्र किया, जिसमें एक व्यक्ति कथित तौर पर विधवा भत्ते का लाभ ले रहा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उम्र में हेरफेर या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी भत्ता लेने की कोशिशों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
5.50 लाख से अधिक संदिग्ध एंट्री हटाने का दावा
सरकार के अनुसार, नगर मामलों एवं शहरी विकास विभाग से करीब 50,000 और महिला एवं बाल विकास विभाग से लगभग 5 लाख संदिग्ध या फर्जी एंट्री हटाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन फर्जी लाभार्थियों को हटाने के बाद शहरी क्षेत्रों में वास्तविक रूप से पात्र करीब 50,000 बुजुर्गों को सामाजिक सुरक्षा भत्ता देने का रास्ता साफ हुआ है।
उन्होंने कहा कि ‘जनकल्याण शिविर’ और ‘आपनार सरकार आपनार पासे’ जैसी पहलों के तहत प्राप्त आवेदनों को मौके पर सत्यापन के बाद प्राथमिकता दी जाएगी। नवंबर या दिसंबर के अंत में ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर विशेष दो-दिवसीय शिविर आयोजित कर नए आवेदन भी लिए जाएंगे।
दिव्यांग महिलाओं के लिए अतिरिक्त ₹3,000 का ऐलान
मुख्यमंत्री ने दिव्यांग महिलाओं के लिए भी अतिरिक्त आर्थिक सहायता की घोषणा की। उन्होंने बताया कि 25 से 60 वर्ष की उम्र की करीब 1.24 लाख दिव्यांग महिलाओं को मौजूदा ₹1,500 मासिक दिव्यांगता भत्ते के अलावा ₹3,000 का ‘अन्नपूर्णा भत्ता’ दिया जाएगा। इससे इन महिलाओं को कुल ₹4,500 प्रति माह की सहायता मिलेगी।
इसी आयु वर्ग की विधवा महिलाओं को लेकर भी मुख्यमंत्री ने योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं को वर्तमान में ₹1,500 का भत्ता मिल रहा है, वे संबंधित प्रक्रिया के तहत ‘अन्नपूर्णा’ योजना के ₹3,000 मासिक लाभ के लिए अपने BDO कार्यालय या नगरपालिका से संपर्क कर सकती हैं।
भत्ता दोगुना नहीं कर पाने पर जताया अफसोस
चुनावी घोषणा-पत्र में सामाजिक सुरक्षा भत्ते को दोगुना करने के वादे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की मौजूदा आर्थिक स्थिति को देखते हुए इस बार भत्ते में ₹500 की ही बढ़ोतरी की जा सकी। उन्होंने हालांकि कहा कि यदि 2027-28 वित्तीय वर्ष तक राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार होता है, तो भत्ते को दोगुना करने के प्रस्ताव पर दोबारा गंभीरता से विचार किया जाएगा।
17 सितंबर को ‘अन्नपूर्णा दिवस’
सरकार की ओर से अगले एक महीने के दौरान कई कार्यक्रम आयोजित करने की भी घोषणा की गई। इनमें 17 सितंबर को पूरे राज्य में ‘अन्नपूर्णा दिवस’ मनाना प्रमुख है। इस दौरान करीब 1.48 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में भत्ते की राशि ट्रांसफर किए जाने की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचाना और सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकना है।





























