जगद्दल : पश्चिम बंगाल के जगद्दल विधानसभा क्षेत्र के दक्षिण नारायणपुर में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पार्टी कार्यालय का शिलान्यास किया गया। इस कार्यक्रम में भाजपा नेता और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार शामिल हुए। शिलान्यास के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने पार्टी कार्यालय को जनसेवा का केंद्र बनाने की बात कही और राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
सुकांत मजूमदार ने कहा कि नवरात्रि की द्वितीया तिथि पर पार्टी के नेताओं ने मिलकर कार्यालय का शिलान्यास किया है। उनके मुताबिक, यह कार्यालय स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनने और उनकी मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
‘जनसेवा में मदद करेगा पार्टी कार्यालय’
कार्यक्रम के दौरान सुकांत मजूमदार ने कहा कि भाजपा का यह कार्यालय केवल संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थानीय लोगों को जनसेवा उपलब्ध कराने में भी मदद करेगा। उन्होंने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में कार्यालय की आधारशिला रखी।
इस कार्यक्रम को स्थानीय स्तर पर भाजपा के संगठनात्मक विस्तार के रूप में भी देखा जा रहा है। हालांकि, कार्यालय के निर्माण और उद्घाटन की अगली समयसीमा के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
ममता बनर्जी के प्रस्तावित मार्च पर क्या बोले सुकांत?
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दुर्गा पूजा के दौरान सड़क पर उतरने की संभावित योजना को लेकर भी सुकांत मजूमदार ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को अपने कार्यक्रम आयोजित करने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए निर्धारित नियमों और अनुमति की प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने ममता बनर्जी के प्रस्तावित मार्च को अनुमति नहीं दी है। सुकांत ने कहा कि अगर कोई राजनीतिक दल निर्धारित अनुमति के बिना सड़क पर उतरता है, तो यह नियमों से जुड़ा मामला होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा चाहती है कि सभी राजनीतिक दल लोकतांत्रिक तरीके से अपनी गतिविधियां चलाएं और जरूरी अनुमति लेकर कार्यक्रम आयोजित करें।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर उठाए सवाल
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भी सुकांत मजूमदार ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को हटाने या इस्तीफा दिलाने की प्रक्रिया संविधान और संबंधित कानूनों के प्रावधानों के अनुसार ही तय होती है।
सुकांत ने सुप्रीम कोर्ट की शक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस विषय पर भारतीय संविधान के प्रावधानों को ध्यान में रखना जरूरी है। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है।
‘कोकरोच आंदोलन’ को लेकर लगाया आरोप
सुकांत मजूमदार ने अपने बयान में ‘कोकरोच आंदोलन’ का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस आंदोलन के पीछे बाहरी ताकतों का समर्थन हो सकता है और भारत में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने तुर्की की राजनीतिक व्यवस्था का उल्लेख करते हुए विदेशी शक्तियों की कथित भूमिका पर सवाल उठाए।
हालांकि, विदेशी ताकतों की संलिप्तता को लेकर उनके इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन्हें सुकांत मजूमदार के राजनीतिक दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी पर भी साधा निशाना
भाजपा नेता ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि मुश्किल परिस्थितियों में अभिषेक बनर्जी की सक्रियता कम दिखाई देती है। उन्होंने ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे और उनके आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर भी सवाल उठाए। सुकांत ने कहा कि चुनाव के समय मुख्यमंत्री का दिल्ली में जाकर बैठना राजनीतिक रूप से सवाल खड़े करता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ममता बनर्जी राजाबाजार जाने की तैयारी कर रही हैं और जिन लोगों के समर्थन की उन्हें उम्मीद है, वे धीरे-धीरे उनसे दूर हो सकते हैं।
बंगाल में राजनीतिक बयानबाजी तेज
दक्षिण नारायणपुर में भाजपा कार्यालय के शिलान्यास के दौरान सुकांत मजूमदार के बयान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी आरोप-प्रत्यारोप को फिर चर्चा में ला दिया है। एक ओर भाजपा नेता ने जनसेवा और संगठन विस्तार पर जोर दिया, वहीं दूसरी ओर उन्होंने ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर तृणमूल कांग्रेस को घेरा।































