चंदननगर पुलिस की जांच में सामने आया मामला, पहले डानकुनी में कैब चालक की हत्या कर कार लूटने की कोशिश की गई थी। पुलिस को आशंका है कि गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में ऐप कैब चालकों की हत्या के दो मामलों की जांच में पुलिस को अहम सफलता मिली है। डानकुनी में कैब चालक की हत्या की जांच करते हुए चंदननगर कमिश्नरेट की पुलिस ने कोलकाता के एंटाली थाना क्षेत्र में हुई एक अन्य कैब चालक की हत्या का भी खुलासा किया है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों का मकसद ऐप कैब चालकों को निशाना बनाकर उनकी गाड़ियां चुराना और उन्हें अवैध बाजार में बेचना था।
डानकुनी में मिला था कैब चालक का शव
पुलिस के मुताबिक, 5 अक्टूबर की सुबह डानकुनी थाना क्षेत्र में दिल्ली रोड के किनारे भादुआ मोड़ के पास एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में मिला था। उसे श्रीरामपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के पैर नायलॉन की रस्सी से बंधे हुए थे। पोस्टमार्टम में गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई।
मृतक की पहचान उत्तर दमदम के बांकरा निवासी रामजेश कड़ी (58) के रूप में हुई। वह पेशे से ऐप कैब चालक था।
घटना की जांच के लिए चंदननगर कमिश्नरेट की खुफिया शाखा ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर कार्रवाई शुरू की। जांच का नेतृत्व खुफिया विभाग के प्रमुख रूपांत सेनगुप्ता कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मध्यग्राम निवासी मोहम्मद मनीरुल गाजी और शेख शहादत तथा निमता निवासी मोहम्मद आरियान मोल्ला के रूप में हुई है।
यात्री बनकर बुक की थी कैब
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपियों ने 4 अक्टूबर की रात एयरपोर्ट इलाके से रामजेश की गाड़ी किराये पर ली थी। हालांकि, उन्होंने ऐप के जरिए बुकिंग करने के बजाय सीधे चालक से किराये पर गाड़ी लेने की व्यवस्था की थी।
बताया जा रहा है कि जब गाड़ी हाईवे के किनारे एक सुनसान जगह पर पहुंची, तब पीछे बैठे एक आरोपी ने चालक का गला दबा दिया। चालक के बेहोश होने की स्थिति में पहुंचने पर उसके पास बैठे दूसरे आरोपी ने हैंडब्रेक लगाकर गाड़ी रोक दी और चालक की सीट पर बैठ गया।
इसके बाद आरोपियों ने चालक के पैर बांध दिए और उसे डानकुनी के भादुआ मोड़ के पास फेंककर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, आरोपी गाड़ी चोरी कर उसे बेचने की योजना बना रहे थे।
चोरी की कार नहीं बेच पाए, फिर दूसरे चालक को बनाया निशाना
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उनका उद्देश्य चोरी की गई गाड़ी को अवैध बाजार में बेचना था। वे गाड़ी लेकर बेनियापुकुर पहुंचे, लेकिन दस्तावेजों के बिना कोई खरीदार तैयार नहीं हुआ। गाड़ी में पर्याप्त ईंधन नहीं होने के कारण भी उनकी योजना सफल नहीं हो सकी। इसके बाद आरोपी गाड़ी छोड़कर फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार, पहली कोशिश नाकाम होने के बाद आरोपियों ने एंटाली इलाके के एक अन्य ऐप कैब चालक को निशाना बनाया।
एंटाली में भी गला घोंटकर हत्या का आरोप
बुधवार सुबह कोलकाता के एंटाली थाना क्षेत्र के डीसी डे रोड पर एक बंद कार के भीतर भगवान प्रसाद गुप्ता का शव मिला था। मृतक के पैर भी बंधे हुए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी भी गला घोंटकर हत्या किए जाने की बात सामने आई।
डानकुनी मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान हत्या का तरीका और घटनास्थल से जुड़े सुराग मिलने पर पुलिस को एंटाली हत्याकांड में भी उनकी संलिप्तता का संदेह हुआ। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार रात पूछताछ के दौरान आरोपियों ने एंटाली में हुई हत्या में भी शामिल होने की बात स्वीकार की।
हालांकि, एंटाली की घटना में आरोपियों ने गाड़ी लेकर भागने की कोशिश क्यों नहीं की, यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
गिरोह में और लोगों के शामिल होने की आशंका
पुलिस को आशंका है कि इस कार चोरी गिरोह में गिरफ्तार तीन आरोपियों के अलावा अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। चंदननगर कमिश्नरेट की पुलिस ने मामले की जानकारी कोलकाता पुलिस को दे दी है। अब कोलकाता पुलिस के अधिकारी एंटाली हत्याकांड की परिस्थितियों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रहे हैं।
पुलिस की जांच से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या दोनों हत्याएं एक ही संगठित कार चोरी गिरोह की साजिश का हिस्सा थीं और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।































