कोलकाता : बारासात की सांसद काकोली घोष दस्तीदार की सोशल मीडिया पर कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर की गई शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री से शिकायत करने के बाद काकोली ने पुलिस को भी मामले की जानकारी दी थी। इसके बाद बारासात थाने में शिकायत दर्ज की गई और अब तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष को पूछताछ के लिए थाने में पेश होने का निर्देश दिया गया है।
काकोली ने सार्वजनिक रूप से यह नहीं बताया था कि उनकी शिकायत किस व्यक्ति के खिलाफ है। हालांकि, उन्होंने मुख्यमंत्री को संबंधित व्यक्ति का नाम बताए जाने की बात कही थी। पुलिस की ओर से कुणाल घोष को बुलाए जाने के बाद मामले में उनका नाम सामने आया है।
इस बीच, शिकायत के दिन कुणाल घोष की ओर से सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई। उन्होंने लिखा था, “मैं बुरी तरह डर से कांप रहा हूं। क्या कोई मुझे कंबल दे सकता है? मुझे हर समय यह डर सताता रहता है कि कहीं कोई पागल आदमी अचानक मुझे काट न ले!” हालांकि पोस्ट में किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया गया था।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने कुणाल घोष को इसी सप्ताह बारासात थाने में उपस्थित होने के लिए कहा है। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए काकोली ने कहा कि वह अदालत में विचाराधीन मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगी। कुणाल घोष ने भी विस्तृत प्रतिक्रिया देने से इनकार करते हुए केवल इतना कहा कि उन्हें पुलिस का समन मिला है।
गौरतलब है कि 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर राजनीतिक मतभेदों और नेताओं के बीच सार्वजनिक बयानबाजी का दौर देखने को मिला है। पार्टी छोड़ने के बाद काकोली घोष दस्तीदार समेत कुछ नेताओं को सोशल मीडिया पर आलोचना और व्यक्तिगत टिप्पणियों का सामना करने की शिकायत सामने आई है।
काकोली की ओर से आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया पर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और इसके पीछे तृणमूल के आईटी सेल की भूमिका है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। अब पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले ने नया राजनीतिक और कानूनी मोड़ ले लिया है।
































