गड़ियाहाट ब्रिज की रंगीन सड़क पर भी हुई घिसाई
कोलकाता : दुर्गापूजा से पहले कोलकाता की सड़कों को इंद्रधनुषी रंगों से सजाने को लेकर विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। बारिश के दौरान चिंगड़ीघाटा फ्लाईओवर पर बाइक फिसलने का वीडियो सामने आने के करीब 24 घंटे के भीतर वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने के लिए वहां ‘स्पीड ब्रेकर कैट्स आई’ लगाए गए हैं। वहीं, गड़ियाहाट ब्रिज पर सड़क की रंगीन सतह को घिसकर खुरदरा करने का काम भी किया गया है, ताकि टायरों की पकड़ बेहतर हो सके।
चिंगड़ीघाटा फ्लाईओवर पर पांच रंगों से रंगी सड़क के दोनों ओर लगभग हर 10 मीटर की दूरी पर कैट्स आई की कतारें लगाई गई हैं। प्रशासन का उद्देश्य वाहनों की गति नियंत्रित करना और दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना है। दूसरी ओर, गड़ियाहाट ब्रिज पर रंग हटाने के बजाय सड़क की ऊपरी सतह को खुरदरा किए जाने की बात कही जा रही है।
बाइक फिसलने का वीडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई
दुर्गापूजा से पहले शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए कोलकाता के कई इलाकों में सड़कों पर इंद्रधनुषी रंग और अल्पना बनाई गई है। इसी बीच बुधवार को चिंगड़ीघाटा फ्लाईओवर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें बारिश से भीगी सड़क पर एक के बाद एक कई बाइक फिसलती हुई दिखाई दे रही थीं।

वीडियो सामने आने के बाद रंगीन सड़कों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे। आशंका जताई गई कि सड़क पर की गई रंगाई के कारण गीली सतह पर दोपहिया वाहनों के टायरों की पकड़ प्रभावित हो सकती है। हालांकि, दुर्घटनाओं और सड़क की रंगाई के बीच सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की और चिंगड़ीघाटा फ्लाईओवर पर वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने के लिए कैट्स आई लगाने का निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने क्या कहा?
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को कहा था कि उनके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है, जिससे यह साबित हो कि सड़क पर रंग किए जाने के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं।
वहीं, राज्य की नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा था कि सड़कों को रंगने के लिए एंटी-स्किड पेंट का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि रंगों के कारण कुछ लोगों को आंखों में चकाचौंध महसूस होने की शिकायत मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया था कि जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
मंत्री के इस बयान के अगले दिन चिंगड़ीघाटा फ्लाईओवर पर कैट्स आई लगाने और गड़ियाहाट ब्रिज की सतह को खुरदरा करने की कार्रवाई सामने आई।
गड़ियाहाट ब्रिज पर रंग हटाया जा रहा है या सतह खुरदरी की जा रही है?
गुरुवार सुबह तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने सोशल मीडिया पर गड़ियाहाट ब्रिज का एक वीडियो साझा किया। वीडियो में एक मैकेनिकल स्वीपर के नीचे लगे उपकरण की मदद से रंगीन सड़क की सतह को घिसते हुए दिखाया गया।
कुणाल घोष ने दावा किया कि यह चिंगड़ीघाटा में बाइक दुर्घटना के बाद गड़ियाहाट ब्रिज की रंगाई हटाने की तस्वीर है।
हालांकि, नगर विकास विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सड़क से इंद्रधनुषी रंग हटाया नहीं जा रहा है। इसके बजाय सतह को खुरदरा बनाया जा रहा है, ताकि सड़क और टायरों के बीच घर्षण बढ़े और फिसलने की आशंका कम हो।
इस कार्रवाई के बाद रंगीन सड़कों की सुरक्षा और उनके रखरखाव को लेकर बहस और तेज हो गई है।
अग्निमित्रा पाल ने कहा- स्किड होने की कई वजहें हो सकती हैं
गुरुवार को अग्निमित्रा पाल ने कहा कि केवल रंगाई को बाइक फिसलने की वजह मानना सही नहीं होगा। उनके मुताबिक, दोपहिया वाहन कई कारणों से फिसल सकते हैं और जांच के बिना किसी एक वजह को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
मंत्री ने बताया कि एहतियाती कदम के तौर पर बुधवार शाम से ही केएमडीए के इंजीनियरों, अग्निशमन विभाग के महानिदेशक, कोलकाता पुलिस आयुक्त, राज्य पुलिस महानिदेशक और विधाननगर पुलिस आयुक्त ने मामले को देखा। इसके बाद चिंगड़ीघाटा फ्लाईओवर पर कैट्स आई लगाने और गड़ियाहाट ब्रिज की सतह को घिसकर खुरदरा बनाने की व्यवस्था की गई।
उन्होंने कहा कि रंग के कारण बाइक फिसली हो सकती है, लेकिन ऐसा नहीं भी हो सकता है। इसलिए फिलहाल जांच और सुरक्षा उपायों पर ध्यान दिया जा रहा है।
दुर्गापूजा से पहले रंगीन सड़कों की सुरक्षा पर सवाल
कोलकाता में दुर्गापूजा से पहले सौंदर्यीकरण के लिए सड़कों पर रंग और अल्पना बनाने की पहल की गई थी। लेकिन चिंगड़ीघाटा फ्लाईओवर पर बाइक फिसलने का वीडियो सामने आने के बाद इस पहल की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं।
प्रशासन ने फिलहाल वाहनों की गति नियंत्रित करने और सड़क की सतह पर पकड़ बढ़ाने के उपाय किए हैं। हालांकि, यह स्पष्ट होना बाकी है कि दुर्घटनाओं के पीछे बारिश, सड़क की स्थिति, वाहन की गति या रंगाई में इस्तेमाल सामग्री में से किसकी भूमिका थी।
आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष और प्रशासन के आगे के कदम महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल वाहन चालकों को बारिश के दौरान सावधानी से गाड़ी चलाने और फ्लाईओवर पर गति नियंत्रित रखने की सलाह दी जाती है।































