बस मालिकों ने कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में पुराने किराए पर बस चलाना व्यावहारिक रूप से असंभव हो गया है ।
कोलकाता : सिटी सबर्बन बस सर्विसेज़ ने राज्य की निजी बस किराए की तत्काल समीक्षा करने तथा 4 मई 2026 से पहले तक जमा बकाया जुर्मानों को माफ करने की मांग की है। इस संबंध में संगठन ने राज्य के परिवहन विभाग के मंत्री अर्जुन सिंह को इस संबंध में एक पत्र सौंपा हैं। सिटी सबअर्बन बस सर्विसेज की ओर से टीटो साहा ने बताया कि परिवहन मंत्री कोई सकारात्मक फैसला जरूर लेंगे, इसे लेकर हम आशावादी हैं।
पुराने किराए पर नहीं चल सकते हैं बसें
बस मालिकों ने कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में पुराने किराए पर बस चलाना व्यावहारिक रूप से असंभव हो गया है। इससे कई मार्गों पर बसों की संख्या कम हो रही है और आम यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मांग के पीछे क्या है कारण
बस मालिकों का कहना है कि राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जब परिवहन मंत्री थे, तब आखिरी बार 2018 में बस किराए में वृद्धि की गई थी। उस समय डीज़ल की कीमत लगभग 68 रुपये प्रति लीटर थी। वर्तमान में डीज़ल की कीमत 90 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो गई है। इसके साथ ही बीमा, पुर्ज़ों और बसों के रखरखाव का खर्च भी पिछले कुछ वर्षों में कई गुना बढ़ गया है। ऐसे में 2018 के किराए पर सेवा जारी रखना संभव नहीं है।
बकाया जुर्मानों को लेकर चिंता
कई वर्षों से जमा हुए बकाया जुर्मानों को लेकर भी बस ऑपरेटरों ने चिंता जताई है। संगठन के नेता टिटू साहा ने कहा, “कई मामलों में वैध दस्तावेज़ होने के बावजूद अनजाने में हुई गलतियों के कारण जुर्माना लगाया गया। इनमें सीएफ से संबंधित जुर्माना, कर का बकाया और परमिट के नवीनीकरण से जुड़े जुर्माने शामिल हैं। इस भारी वित्तीय बोझ के कारण कई बस मालिक अपने वाहनों के दस्तावेज़ों का नवीनीकरण और वाहनों का रखरखाव नहीं कर पा रहे हैं।” संगठन ने ‘वाहन’ से संबंधित सभी बकाया जुर्मानों के निपटारे की भी मांग की है।
सीएफ नवीनीकरण का आश्वासन
बस मालिकों ने आश्वासन दिया है कि यदि जुर्माने माफ कर दिए जाते हैं, तो आने वाले कुछ महीनों के भीतर सभी वाहनों का सीएफ (CF) नवीनीकरण, कर का भुगतान और परमिट का नवीनीकरण कर दिया जाएगा। वाहनों को सड़क पर चलने योग्य बनाया जाएगा। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि 4 मई के बाद यदि कोई नया जुर्माना लगाया जाता है, तो उसका भुगतान नियमों के अनुसार किया जाएगा।































