फूड सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर नगर निगम का एक्शन, 592 प्रतिष्ठानों की जांच में सामने आईं कई गंभीर खामियां
कोलकाता : फूड सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करने वाले रेस्टोरेंट और फूड आउटलेट्स के खिलाफ कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KMC) ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर निगम ने अब तक 40 रेस्टोरेंट और फूड आउटलेट्स के लाइसेंस दो सप्ताह के लिए सस्पेंड कर दिए हैं। इनमें शहर के कई चर्चित रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानें भी शामिल हैं।
592 रेस्टोरेंट और फूड आउटलेट्स की जांच
KMC के अधिकारियों ने पिछले सप्ताह से शहर के अलग-अलग इलाकों में फूड सेफ्टी नियमों की जांच के लिए लगातार अभियान चलाया। इस दौरान रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों के साथ-साथ बड़े शॉपिंग मॉल के फूड कोर्ट भी जांच के दायरे में रहे।
KMC सूत्रों के मुताबिक, अब तक 592 रेस्टोरेंट और फूड आउटलेट्स की जांच की जा चुकी है। इसी जांच के आधार पर नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
सोमवार तक 31, मंगलवार को संख्या बढ़कर 40
नगर निगम के अनुसार, सोमवार रात तक 31 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए थे। मंगलवार को कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए यह संख्या 40 तक पहुंच गई।
KMC एडमिनिस्ट्रेटर स्मिता पांडे के मुताबिक, कार्रवाई की सूची में कई जाने-माने नाम भी शामिल हैं। इनमें निज़ाम्स, करीम्स, बलराम मल्लिक एंड राधा रमन मल्लिक, मिष्टीमुख, अरसलान और शिमला बिरयानी जैसे प्रतिष्ठान शामिल हैं।
बासी मीट से फफूंद लगी मिठाइयों तक मिलीं खामियां
जांच के दौरान अधिकारियों ने रेस्टोरेंट की रसोई में साफ-सफाई, खाने की गुणवत्ता और खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से स्टोर करने की व्यवस्था की जांच की।
नगर निगम के सूत्रों के मुताबिक, कई जगहों पर बासी या खराब मीट, फफूंद लगी मिठाइयां, घटिया गुणवत्ता वाले मसाले और प्रतिबंधित कलरिंग एजेंट के इस्तेमाल जैसी खामियां सामने आईं।
इन अनियमितताओं के सबूत मिलने के बाद कई प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
दो सप्ताह के लिए लाइसेंस सस्पेंड
स्मिता पांडे ने बताया कि नगर निगम के नियमों के तहत फिलहाल लाइसेंस को सीधे रद्द करने का प्रावधान नहीं है। इसलिए संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस दो सप्ताह के लिए सस्पेंड किए गए हैं।
इस अवधि के दौरान रेस्टोरेंट और फूड आउटलेट्स को नगर निगम को अपना स्पष्टीकरण देना होगा। साथ ही, उन्हें फूड सेफ्टी नियमों के पालन के लिए जरूरी सुधारात्मक कदम उठाने होंगे।
सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का संदेश
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब हाल ही में हॉग मार्केट यानी न्यू मार्केट कॉम्प्लेक्स में ‘उपभोक्ता संरक्षण सप्ताह’ कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मिलावट और उपभोक्ता अधिकारों से जुड़े मामलों में सख्त रुख अपनाने की बात कही थी।
मुख्यमंत्री ने कहा था कि राज्य सरकार किसी भी तरह की बेईमानी या अनियमितता के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाएगी। उन्होंने फ्लैट फ्रॉड से लेकर सब्जियों और मछलियों में हानिकारक रंगों के इस्तेमाल तथा नाप-तौल में गड़बड़ी जैसे मामलों पर भी सख्ती का संदेश दिया था।
KMC की मौजूदा कार्रवाई को इसी सख्त रुख के बीच शहर में खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
कोलकाता नगर निगम ने जिन 40 प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की है, वे इस प्रकार हैं –
1. एम/एस गिरीश चंद्र डे एंड कंपनी
2. एम/एस दुर्गा प्रसाद चौरसिया
3. मेराकी बेकरी एंड कन्फेक्शनरी
4. श्री कृष्णा स्वीट्स
5. ज़ेप्टो लिमिटेड
6. एम/एस श्री ब्रजराज
7. बलराम मल्लिक एंड राधारमण मल्लिक
8. एम/एस माँ काली मिष्टान्न भंडार
9. एम/एस श्यामा स्वीट्स
10. एसएस एंटरप्राइजेज
11. मनोज कुमार शाह
12. कुमार पाल सिंह, प्रोपराइटर ऑफ के.पी. सिंह यूपी वाला
13. रॉयल बंगाल टाइगर हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड
14. एशिया हाउस / वरुण राजगढ़िया
15. एम/एस करी पत्ता
16. एम/एस भोलानाथ श्रीमानी अविजाता मिष्टान्न विक्रेता
17. एम/एस मातृ मिष्टान्न भंडार
18. होला (ए यूनिट ऑफ अदिरा रेस्टोरेंट एलएलपी)
19. एम/एस द न्यू पौषी स्वीट्स
20. एम/एस शीतला मिष्टान्न भंडार
21. एम/एस महाप्रभु मिष्टान्न भंडार
22. एम/एस गोल्डन गेट
23. ईएफएफ एन बी मार्केटिंग लिमिटेड (चायग्राम)
24. दादा बौदी होटल
25. न्यू राज लक्ष्मी मिष्टान्न भंडार
26. डेनज़ोंग किचन
27. एम/एस साफिया होटल
28. पांडे ढाबा
29. एम/एस डॉन जियोवन्नीज़
30. एम/एस करीम्स (ए यूनिट ऑफ आरजेएस मातृ फूड एंड बेवरेजेज)
31. एम/एस माँ अभया स्वीट्स
32. एम/एस श्रीमा स्वीट्स
33. गोबिंदर मिष्टी
34. गंगा
35. अहमद अली, जाकिर हुसैन एंड मोहम्मद सहनवाज
36. एम/एस बिरयानी कॉर्नर
37. एम/एस शंभू ऑयल मिल
38. एम/एस मिस्ट एंड मोरसेल्स
39. एम/एस शक्ति मिष्टान्न भंडार
40. एम/एस मिठाई भंडार






























