12 छात्रों को जिनेवा में ‘CERN मास्टरक्लास 2026’ का प्रतिष्ठित निमंत्रण
कोलकाता : कोलकाता के प्रतिष्ठित ला मार्टिनियर फॉर बॉयज ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता साबित की है। स्कूल ने ‘बोस बीमलाइन चैलेंज फॉर स्कूल्स 2025’ में जीत हासिल करने के साथ-साथ प्रतिष्ठित ‘विजनरी अवार्ड’ भी अपने नाम किया।
इस उपलब्धि के पीछे स्कूल के 12 छात्रों की टीम का एक शोध-पत्र था, जिसे एस. एम. बनर्जी के मार्गदर्शन में तैयार किया गया था। टीम में राघव अग्रवाल, कबीर अग्रवाल, युवराज शाह, वरुण बजोरिया, सात्विक गुप्ता, कृषव अग्रवाल, आरव कपूर, युनव पोपट, आरश नेविल कोयिथारा, स्तवन जैन और विराज सरावगी शामिल थे।
इसी शोध की वजह से इस पूरी टीम को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित होने वाले “CERN मास्टरक्लास 2026” में भाग लेने का विशेष निमंत्रण मिला है।
जिनेवा में कैसा रहा अनुभव
यात्रा के दौरान छात्रों ने CERN की विश्वप्रसिद्ध सुविधाओं का दौरा किया। इसमें एंटीमैटर फैक्ट्री के साथ-साथ एटलस, ऐलिस और LHCb जैसे बड़े प्रयोग भी शामिल थे।
छात्रों ने जाने-माने वैज्ञानिकों के व्याख्यान सुने और असली पार्टिकल फिजिक्स डेटा का खुद विश्लेषण किया। इससे उन्हें एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च को बेहद करीब से समझने का मौका मिला।
वैज्ञानिक दौरे के अलावा छात्रों ने जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, शैमोनिक्स और मोंट ब्लैंक का भी भ्रमण किया। यह पूरी यात्रा विज्ञान, खोज और वैश्विक शिक्षा का एक प्रेरणादायक संगम रही।
प्रिंसिपल ने जताई खुशी
इस उपलब्धि पर ला मार्टिनियर फॉर बॉयज के प्रिंसिपल सिडनी फ्रांसिस मेनेजेस ने कहा,
“हमें अपने छात्रों की इस शानदार उपलब्धि पर बहुत गर्व है। बोस बीमलाइन चैलेंज में उनकी सफलता और CERN मास्टरक्लास 2026 में भाग लेने का अवसर उनकी जिज्ञासा, समर्पण और विज्ञान के प्रति जुनून को दर्शाता है।”
“ऐसे अनुभव युवा दिमागों को एडवांस्ड रिसर्च की दुनिया से जोड़ते हैं। हमें उम्मीद है कि यह यात्रा उन्हें आगे भी सवाल पूछने, खोज करने और ज्ञान की सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी।”
स्कूल के लिए यह गर्व का क्षण है क्योंकि इसके छात्रों को क्लासरूम से बाहर निकलकर दुनिया की सबसे बड़ी वैज्ञानिक अनुसंधान सुविधाओं से सीधे जुड़ने का दुर्लभ अवसर मिला।






























