सभी RTO को निर्देश जारी
कोलकाता : पश्चिम बंगाल परिवहन निदेशालय ने राज्य के सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों (RTO) को बकाया मोटर वाहन कर (Motor Vehicle Tax) की वसूली के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इस संबंध में 23 जुलाई को परिवहन निदेशालय की ओर से आधिकारिक आदेश जारी किया गया।जारी निर्देश के अनुसार, सभी आरटीओ कार्यालयों को पर्याप्त संख्या में बंगाली और अंग्रेज़ी भाषा में बैनर, पोस्टर तथा प्रचार सामग्री तैयार कर प्रमुख स्थानों, चेक पोस्टों और मोटर वाहन कार्यालयों में प्रदर्शित करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य वाहन मालिकों को समय पर टैक्स जमा करने के लिए जागरूक करना है।इसके साथ ही जिला और उप-मंडल स्तर पर परिवहन संघों, वाहन मालिक संघों, बस और ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन सहित अन्य संबंधित पक्षों के साथ बैठकें आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि लोग समय पर मोटर व्हीकल टैक्स जमा करें और कानूनी कार्रवाई से बच सकें।
समय पर टैक्स नहीं भरने पर हो सकती है कार्रवाई
परिवहन विभाग द्वारा जारी जागरूकता सामग्री में वाहन मालिकों से अपील की गई है कि वे अपने वाहन का टैक्स स्टेटस नियमित रूप से जांचें।बकाया मोटर व्हीकल टैक्स बिना देरी के जमा करें।टैक्स रसीद और अन्य आवश्यक दस्तावेज हमेशा सुरक्षित रखें।विभाग ने चेतावनी दी है कि समय पर टैक्स जमा नहीं करने पर जुर्माना लगाया जा सकता है।कानून के अनुसार वाहन जब्त या हिरासत में लिया जा सकता है।मोटर वाहन अधिनियम एवं पश्चिम बंगाल मोटर व्हीकल टैक्स अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।परिवहन विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर लागू करने के निर्देश दिए हैं।
मोटर व्हीकल ऑफिस में लगाए जाएंगे CCTV
इधर, परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य के सभी मोटर व्हीकल कार्यालयों में सीसीटीवी लगाए जाएंगे। बताया जा रहा है कि विभिन्न मोटर व्हीकल ऑफिस के सामने दलाल चक्र को तोड़ने के लिए ऐसा किया जा रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी 52 मोटर व्हीकल ऑफिस में सीसीटीवी लगाए जाएंगे। इसके साथ ही मोटर व्हीकल के स्टाफ को बॉडी कैमरा दिया जाएगा ताकि वह किस से बात कर रहे हैं और किस तरह के लोग मोटर व्हीकल के ऑफिस में आ रहे हैं इसकी निगरानी रखी जा सके। दलाल गिरोह को तोड़ने के लिए पूरी व्यवस्था ऑनलाइन करने की कोशिश की जा रही है ताकि लोगों को कार्यालय में ना आना पड़े।































