सिलिगुड़ी कॉरिडोर, घुसपैठ और ड्रग्स तस्करी पर रहेगा फोकस
कोलकाता : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पश्चिम बंगाल पुलिस अधिकारियों के साथ होने वाली अहम बैठक में राज्य की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, सिलिगुड़ी कॉरिडोर के जरिए होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध घुसपैठ, मानव तस्करी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क पर विशेष फोकस रहेगा।
सिलिगुड़ी कॉरिडोर बना ड्रग्स तस्करी का ट्रांजिट रूट
जानकारी के मुताबिक, सिलिगुड़ी कॉरिडोर का इस्तेमाल लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी के ट्रांजिट रूट के रूप में किया जाता रहा है। इस मार्ग से फेंसिडिल, हेरोइन, ब्राउन शुगर और मेथामफेटामिन जैसे नशीले पदार्थों की तस्करी की जाती है। तस्कर इसके लिए बांग्लादेश और नेपाल सीमा का कथित तौर पर इस्तेमाल करते हैं।सूत्रों का दावा है कि पहले इन तस्करी से जुड़े मामलों की पूरी जानकारी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) तक नहीं पहुंचाई जाती थी। इसके कारण नशीले पदार्थ देश के अन्य राज्यों तक पहुंचने के बावजूद जांच आगे नहीं बढ़ पाती थी।
घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी होगी चर्चा
बताया जा रहा है कि बैठक में अवैध घुसपैठ का मुद्दा भी प्रमुख रहेगा। चुनाव प्रचार के दौरान अमित शाह ने कई बार पश्चिम बंगाल में घुसपैठ को गंभीर चुनौती बताते हुए कहा था कि इससे राज्य और देश की जनसंख्या संरचना में बदलाव आया है। उन्होंने यह भी कहा था कि जनसांख्यिकीय परिवर्तन से सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
मानव तस्करी और फर्जी दस्तावेज नेटवर्क पर सख्ती
सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री पुलिस अधिकारियों को मानव तस्करी, फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए भी कड़े निर्देश दे सकते हैं। माना जा रहा है कि सीमा पार सक्रिय संगठित अपराध सिंडिकेट के खिलाफ समन्वित कार्रवाई पर विशेष जोर दिया जाएगा।






























